जब दिल्ली पुलिस में शराबी पुलिसकर्मियों की सूची मांगने पर मचा हड़कंप
दिल्ली पुलिस में डीसीपी नोर्थ के एक संदेश से उस समय हड़कंप मच गया। जब पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी एसएचओ, डीसीपी और इंस्पेक्टर से शराब पीने वाले पुलिस कर्मियों की सूची मांगी गई।
इसमें उन सभी पुलिस वालों के नाम भेजने के लिए कहा गया था जो शराब पीते हैं या शराब पिए बगैर नहीं रह सकते। इसके बाद डीसीपी ने संदेश भेज कर पुलिस वालों से यह बताने के लिए कहा कि उनमें से कौन-कौन शराब पीते हैं।
30 अप्रैल को जारी डीसीपी नॉर्थ ने आदेश दिया था कि शराब पीने वाले अपर सब-ऑर्डिनेट रैंक के पुलिस वाले के नाम और बेल्ट नंबर लिख कर भेजे जाएं। इससे पहले स्पेशल सीपी वसुदेव राव ने भी इसी तरह के आदेश जनवरी में जारी करते हुए कहा था कि ऐसे पुलिस वालों से उनके अधिकारी सहानुभूति से निपटें।
दिल्ली पुलिस में कोई नहीं पीता शराब?
लेकिन पुलिस कर्मियों ने अपने डीसीपी से उनके नाम सूचि में न रखने की वकालत की थी। जबकि ये आदेश एक घटना को ध्यान में रखते हुए शराब पीने वाले पुलिस वालों के फायदे के लिए ही जारी किए गए थे। जब नरेला इलाके में शराबी पुलिसवाले के मां के बगैर जीवन यापन कर रहे बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी।
ऐसे में अब एक बार फिर आदेश जारी कर पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई है। लेकिन अब तक एक भी पुलिस वाले ने उसके नाम और बेल्ट नंबर के सामने यह नहीं लिखा है कि वह शराब का पीते हैं। वरिष्ट अधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम का मकसद यह था कि शराब के बगैर रहने में असमर्थ पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनका नशा मुक्ति केंद्र में इलाज कराया जा सके।
साथ ही निर्देश में यह भी कहा गया था कि ऐल्कॉहलिक पुलिसकर्मी की देखरेख के लिए अन्य पुलिस वाला लगाया जाएगा। जिसके चलते सभी एसएचओ परेशान थे। उनका तर्क है कि पहले ही उनके पास स्टाफ की कमी है।