फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Demand of drunken policemen list created stir.

जब दिल्ली पुलिस में शराबी पुलिसकर्मियों की सूची मांगने पर मचा हड़कंप

Tue, 03 May 2016 04:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 03 May 2016 04:45 PM IST
विज्ञापन
Demand of drunken policemen list created stir.
पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र

दिल्ली पुलिस में डीसीपी नोर्थ के एक संदेश से उस समय हड़कंप मच गया। जब पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी एसएचओ, डीसीपी और इंस्पेक्टर से शराब पीने वाले पुलिस कर्मियों की सूची मांगी गई।

विज्ञापन


इसमें उन सभी पुलिस वालों के नाम भेजने के लिए कहा गया था जो शराब पीते हैं या शराब पिए बगैर नहीं रह सकते। इसके बाद डीसीपी ने संदेश भेज कर पुलिस वालों से यह बताने के लिए कहा कि उनमें से कौन-कौन शराब पीते हैं।
विज्ञापन


30 अप्रैल को जारी डीसीपी नॉर्थ ने आदेश दिया था कि शराब पीने वाले अपर सब-ऑर्डिनेट रैंक के पुलिस वाले के नाम और बेल्ट नंबर लिख कर भेजे जाएं। इससे पहले स्पेशल सीपी वसुदेव राव ने भी इसी तरह के आदेश जनवरी में जारी करते हुए कहा था कि ऐसे पुलिस वालों से उनके अधिकारी सहानुभूति से निपटें।

विज्ञापन
विज्ञापन

दिल्ली पुलिस में कोई नहीं पीता शराब?

Demand of drunken policemen list created stir.
पुलिस

लेकिन पुलिस कर्मियों ने अपने डीसीपी से उनके नाम सूचि में न रखने की वकालत की थी। जबकि ये आदेश एक घटना को ध्यान में रखते हुए शराब पीने वाले पुलिस वालों के फायदे के लिए ही जारी किए गए थे। जब नरेला इलाके में शराबी पुलिसवाले के मां के बगैर जीवन यापन कर रहे बच्चों ने आत्महत्या कर ली थी।

ऐसे में अब एक बार फिर आदेश जारी कर पुलिसकर्मियों की सूची मांगी गई है। लेकिन अब तक एक भी पुलिस वाले ने उसके नाम और बेल्ट नंबर के सामने यह नहीं लिखा है कि वह शराब का पीते हैं। वरिष्ट अधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम का मकसद यह था कि शराब के बगैर रहने में असमर्थ पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनका नशा मुक्ति केंद्र में इलाज कराया जा सके।

साथ ही निर्देश में यह भी कहा गया था कि ऐल्कॉहलिक पुलिसकर्मी की देखरेख के लिए अन्य पुलिस वाला लगाया जाएगा। जिसके चलते सभी एसएचओ परेशान थे। उनका तर्क है कि पहले ही उनके पास स्टाफ की कमी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed