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Delhi NCR News: हिंदू कॉलेज में दाखिले से लेकर वित्तीय मामलों की डीयू कुलपति से जांच की मांग
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-हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन ने कुलपति कार्यालय तक निकाला मार्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कॉलेज के शिक्षकों ने कॉलेज में दाखिले, वित्तीय प्रबंधन, नियुक्तियों, खरीद प्रक्रिया और प्रशासनिक कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर कुलपति कार्यालय तक मार्च निकाला। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले मार्च का आयोजन किया गया जिसमें छात्र भी शामिल हुए।
एसोसिएशन ने कुलपति कार्यालय को ज्ञापन देकर मामले की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच कराने, कॉलेज को डीयू के अधीन लेने और गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन टीसीए रंगाचारी और प्रिंसिपल डॉ. अंजू श्रीवास्तव को पद से हटाने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रतन लाल और सचिव डॉ. शंकर कुमार के द्वारा लगाए आरोपों के अनुसार सुपरन्यूमरेरी दाखिलों में डीयू के नियमों और 20 फीसदी सीमा का उल्लंघन हुआ है। संबंधित शिक्षकों व समितियों की आपत्तियों की अनदेखी और इन दाखिलों को मंजूरी देने के लिए हुई बैठक पर स्टाफ काउंसिल ने सवाल उठाया गया है। एसोसिएशन ने स्टाफ काउंसिल की नियमित बैठकें नहीं बुलाने, समानांतर समितियां बनाने और संशोधित संविधान पर चर्चा लंबित रखने का आरोप लगाया।
शिक्षकों की स्टडी लीव, चाइल्ड केयर लीव, पदोन्नति में देरी और प्रो. रतन लाल के मामले में आईसीसी निष्कर्षों के बावजूद जांच रिपोर्ट व दोषमुक्ति आदेश जारी नहीं करने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कॉलेज संसाधनों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल, हॉस्टल मेस टेंडर में जीएफआर व सतर्कता नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा-सफाई सेवाओं की बिना खुली निविदा आउटसोर्सिंग पर भी सवाल उठाए। एसोसिएशन ने सीएजी की आपत्तियों पर कार्रवाई, जनरल बॉडी मिनट्स, ऑडिट रिपोर्ट व खातों को सार्वजनिक करने और शिक्षक से कथित तौर पर काटे गए 2.5 लाख रुपये लौटाने की मांग की।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदू कॉलेज के शिक्षकों ने कॉलेज में दाखिले, वित्तीय प्रबंधन, नियुक्तियों, खरीद प्रक्रिया और प्रशासनिक कामकाज में कथित अनियमितताओं को लेकर कुलपति कार्यालय तक मार्च निकाला। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले मार्च का आयोजन किया गया जिसमें छात्र भी शामिल हुए।
एसोसिएशन ने कुलपति कार्यालय को ज्ञापन देकर मामले की स्वतंत्र व समयबद्ध जांच कराने, कॉलेज को डीयू के अधीन लेने और गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन टीसीए रंगाचारी और प्रिंसिपल डॉ. अंजू श्रीवास्तव को पद से हटाने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रतन लाल और सचिव डॉ. शंकर कुमार के द्वारा लगाए आरोपों के अनुसार सुपरन्यूमरेरी दाखिलों में डीयू के नियमों और 20 फीसदी सीमा का उल्लंघन हुआ है। संबंधित शिक्षकों व समितियों की आपत्तियों की अनदेखी और इन दाखिलों को मंजूरी देने के लिए हुई बैठक पर स्टाफ काउंसिल ने सवाल उठाया गया है। एसोसिएशन ने स्टाफ काउंसिल की नियमित बैठकें नहीं बुलाने, समानांतर समितियां बनाने और संशोधित संविधान पर चर्चा लंबित रखने का आरोप लगाया।
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शिक्षकों की स्टडी लीव, चाइल्ड केयर लीव, पदोन्नति में देरी और प्रो. रतन लाल के मामले में आईसीसी निष्कर्षों के बावजूद जांच रिपोर्ट व दोषमुक्ति आदेश जारी नहीं करने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कॉलेज संसाधनों के कथित व्यावसायिक इस्तेमाल, हॉस्टल मेस टेंडर में जीएफआर व सतर्कता नियमों के उल्लंघन और सुरक्षा-सफाई सेवाओं की बिना खुली निविदा आउटसोर्सिंग पर भी सवाल उठाए। एसोसिएशन ने सीएजी की आपत्तियों पर कार्रवाई, जनरल बॉडी मिनट्स, ऑडिट रिपोर्ट व खातों को सार्वजनिक करने और शिक्षक से कथित तौर पर काटे गए 2.5 लाख रुपये लौटाने की मांग की।
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