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Delhi NCR News: जामिया में अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर हुआ मंथन
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जामिया में अमेरिका-ईरान युद्ध को लेकर हुआ मंथन
-विशेषज्ञ बोले सैन्य ताकत से राजनीतिक समस्याओं का समाधान संभव नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष ने पश्चिम एशिया के साथ वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित किया है। इस संबंध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर वेस्ट एशियन स्टडीज की ओर से द ईरान वॉर एंड इट्स इंप्लीकेशंस फॉर वेस्ट एशिया एंड वर्ल्ड पॉलिटिक्स विषय पर आयोजित व्याख्यान में चर्चा हुई।
इस दौरान साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धनंजय त्रिपाठी ने कहा कि संघर्ष को केवल सैन्य नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं है। इसके रणनीतिक, आर्थिक, वैचारिक और भावनात्मक पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। सैन्य कार्रवाई से राजनीतिक समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी नहीं है।
सवाल-जवाब सत्र में अमेरिका के घोषित उद्देश्यों और संघर्ष के परिणामों, चीन की बढ़ती भूमिका, ईरान की अर्थव्यवस्था के टिके रहने और भारत की संतुलित नीति पर चर्चा हुई। भारत के ऊर्जा, रणनीतिक और कूटनीतिक हितों के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी विचार हुआ। इस व्याख्यान की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक प्रो. एचए नाजमी ने की और संचालन प्रो. अनीसुर रहमान ने की।
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-विशेषज्ञ बोले सैन्य ताकत से राजनीतिक समस्याओं का समाधान संभव नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष ने पश्चिम एशिया के साथ वैश्विक शक्ति संतुलन को भी प्रभावित किया है। इस संबंध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के सेंटर फॉर वेस्ट एशियन स्टडीज की ओर से द ईरान वॉर एंड इट्स इंप्लीकेशंस फॉर वेस्ट एशिया एंड वर्ल्ड पॉलिटिक्स विषय पर आयोजित व्याख्यान में चर्चा हुई।
इस दौरान साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. धनंजय त्रिपाठी ने कहा कि संघर्ष को केवल सैन्य नजरिए से देखना पर्याप्त नहीं है। इसके रणनीतिक, आर्थिक, वैचारिक और भावनात्मक पहलू भी महत्वपूर्ण हैं। सैन्य कार्रवाई से राजनीतिक समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी नहीं है।
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सवाल-जवाब सत्र में अमेरिका के घोषित उद्देश्यों और संघर्ष के परिणामों, चीन की बढ़ती भूमिका, ईरान की अर्थव्यवस्था के टिके रहने और भारत की संतुलित नीति पर चर्चा हुई। भारत के ऊर्जा, रणनीतिक और कूटनीतिक हितों के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी विचार हुआ। इस व्याख्यान की अध्यक्षता केंद्र के निदेशक प्रो. एचए नाजमी ने की और संचालन प्रो. अनीसुर रहमान ने की।
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