मुंबई वालों से ज्यादा मेहनती हैं दिल्ली वालेः सर्वे
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दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों के पास अपने वाहन होने के वाबजूद दिल्ली के लोग रोज की मॉर्निग वॉक का मजा बखूबी लेते हैं। मैक्स बुपा नामक संस्था के एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली की 80% जनता तंदरूस्त रहने के लिए मॉर्निग वॉक करते हैं। वहीं दूसरी ओर अन्य शहरों में 66% लोग ही मॉर्निंग वॉक करते है।
एक सर्वे के अनुसार दिल्ली के 56% निवासियों के खुश रहने का राज उनकी नियमित रूप से की गई रोज की मॉर्निग वॉक है। वहीं मुंबई के सिर्फ 46% लोग मानते हैं कि मॉर्निंग वॉक के बाद खुशी मिलती है।
मैक्स बुपा द्वारा देश के दो बड़े शहरों दिल्ली और मुंबई में लोगों की मॉर्निंग वॉक की आदत को बढ़ावा देने के लिए एक सर्वे किया था। इस सर्वे में पाया गया कि दिल्लीवाले छोटी दूरी के सफर को तय करने के लिए चलना पसंद करते हैं जबकि उसी दूरी को मुंबईवासी अपनी कार से तय करते हैं।
इन सब के बाद 45% दिल्लीवासियों का कहना है कि वह पहले वॉक करते हैं और उसके बाद ड्राइविंग करते हैं। वहीं दूसरी ओर 32% मुंबईवासियों का भी यही जवाब रहा। यह बात 31-45 साल के उम्र के लोगों पर भी सच होती हैं जिनका 54% छोटी दूरी के लिए ड्राइविंग की जगह चलने को तरजीह देते हैं।
फिर भी ज्यादा चलती है मुंबई
दिल्लीवासी अपनी सेहत को लेकर बहुत ज्यादा सजग हैं। 36% दिल्लीवासियों का कहना है कि वे ऑफिस का काम समय से निपटाकर निकल जाते हैं ताकि वे अपना वॉक कर सकें जबकि मुंबई के मात्र 26% लोग ही ऐसा करते हैं। दिल्लीवासी वॉक के दौरान सोशल मी़ड़िया से भी जुड़े रहते हैं। सर्वे के मुताबिक दिल्लीवासी वॉक के दौरान फेसबुक, ट्विटर, मेल आदि देखने जैसे कई जरूरी काम भी करते हैं।
पर एक बात और ध्यान देने वाली है कि इन सब तथ्यों के बाद भी मुंबईवासी ज्यादा वॉक करते है। मैक्स बुपा की तरफ से एसी नेल्सन द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार मुंबईवासी दिल्लीवासियों के मुकाबले औसतन ज्यादा वॉक करते है। लेकिन सप्ताह के औसतन वॉक में दिल्लीवासी 42 मिनट तक वॉक करते हैं वहीं दूसरी ओर मुंबईवासी 35 मिनट तक वॉक करते हैं।
दिल्ली के 56% लोग अपने परिवार के साथ वॉक करते हैं, वहीं मुंबई में 50% लोग अपने दोस्तों के साथ वॉक करते हैं। मैक्स बुपा के सीईओ ने बताया कि सर्वे में ये बात सामने आई है कि इन दोनों शहरों के लोग लगातार मानसिक बीमारियों और तनाव से ग्रस्त होते जा रहे हैं।
लगातार वॉक की आदत ने दोनों शहरों के लोगों में सकारात्मक जीवनशैली और काम करने की क्षमता में विकास किया है। वॉक की आदत से लोगों के वजन संतुलित रहे दमा के दौरे कम पड़े। एक और बात जो इस सर्वे में सामने आई है वह ये कि दोनों ही शहरों दिल्ली और मुंबई में क्रमशः 65% और 50% प्रतिशत लोग डॉक्टर की सलाह या कह लें आदेश पर वॉक शुरू करते हैं।