अब होम मेकर नहीं किंग मेकर हैं ये महिलाएं
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राजधानी में पुरुषों के बराबर आ खड़ी हुईं महिलाएं अब किंग मेकर की स्थिति
आधी आबादी होने के बावजूद राजनैतिक दल टिकट देने में भले ही उनकी उपेक्षा करता हो, लेकिन मतदान के प्रति उनका रुझान साबित करता है कि उनकी मर्जी के बिना यहां से कोई नेता विधानसभा या संसद नहीं पहुंच सकता।
पिछले चार साल में महिलाओं के मतदाता प्रतिशत में 15.60 फीसदी का इजाफा हुआ है। जबकि पुरुषों में महज 12.20 फीसदी की जागरूकता ही बढ़ पायी है।
चार साल में बढ़ा 15.60 प्रतिशत वोट
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में कुल 51.81 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें
पुरुषों ने 53.58 फीसदी तो महिलाओं ने 49.57 फीसदी मत का प्रयोग किया था।
दिल्ली की सातों संसदीय सीटों में नई दिल्ली सीट में सबसे अधिक मतदान हुआ
था, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी सबसे अधिक 54.28 थी।
जबकि
उत्तरी-पश्चिमी सीट में सबसे कम 45.33 फीसदी महिलाएं पोलिंग बूथ तक पहुंची
थीं। वर्ष 2013 विधानसभा चुनावों में कुल 65.48 फीसदी मतदान हुआ, जिसमें
पुरुषों ने 65.78 तो महिलाओं ने 65.17 फीसदी मतदान किया।