झारखंड में भीड़ हिंसा का शिकार तबरेज की पत्नी को 5 लाख रुपये और नौकरी देगा दिल्ली वक्फ बोर्ड
दिल्ली वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने गुरुवार को एलान किया है कि बोर्ड झारखंड भीड़ हिंसा में मारे गए तबरेज की पत्नी को 5 लाख रुपये की मदद राशि देगा।
इसके साथ अमानतुल्लाह ने जानकारी दी कि बोर्ड तबरेज अंसारी की पत्नी को आर्थिक मदद के साथ ही नौकरी भी देगा और कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराएगा।
क्या है पूरा मामला
झारखंड के सरायकेला जिले में कदमडीह गांव के मोहम्मद तबरेज अंसारी के साथ कथित तौर पर 'मॉब लिंचिंग' की घटना हुई। चोरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पीटा। उससे जबरदस्ती ‘जय श्री राम’ के नारे लगवाये गए और इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई।
कथित तौर पर इसी पिटाई के कारण बाद में उसकी मौत हो गई। पिटाई के समय का एक विडियो भी सामने आया है जो इस घटना की पुष्टि करता है। लेकिन क्या इस घटना का पूरा सच यही है? या इस कहानी को जबरदस्ती मॉब लिंचिंग का रूप दिया जा रहा है और इसके पीछे 'कुछ' छिपाने की कोशिश की जा रही है? एक उच्च अधिकारी के द्वारा राज्य प्रशासन को भेजी गई रिपोर्ट इसी तरफ इशारा करती है।
दरअसल, घटना का विडियो वायरल होने के बाद विपक्ष ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। चालू संसद सत्र के दौरान कुछ सांसदों ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद राज्य प्रशासन सक्रिय हुआ और घटना में लापरवाही बरतने के कारण कुछ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड भी कर दिया गया।
इसी दौरान राज्य सरकार के गृहसचिव ने स्थानीय अधिकारियों से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। सरायकेला जिले के उपायुक्त के द्वारा गृह सचिव को 24 जून को जो रिपोर्ट भेजी गई है, वह इस घटना पर कई अहम सवाल खड़े करती है।
यह है घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद तबरेज अंसारी 17/18 जून की रात अपने दो साथियों नुमैर अली और शेख इरफान के साथ कमल महतो नाम के आदमी के घर में चोरी की नीयत से घुसा था। इसी दौरान घर के लोग जग गये और उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद ग्रामीणों ने चोरों को पकड़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में मोहम्मद तबरेज आलम ग्रामीणों के हाथ लग गया जबकि उसके दो साथी नुमैर अली और इरफान वहां से भागने में कामयाब रहे। लगभग 2:30 बजे रात घटी इस घटना के बाद ग्रामीणों ने तबरेज की पिटाई की।
पुलिस को इसकी सूचना मिली और लगभग पांच बजे सुबह तक वह घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने तबरेज को ग्रामीणों से बचाया। उसे थाने लाया और इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। तबरेज के पास से मोटरसाइकिल और कुछ अन्य चोरी का सामान पकड़े जाने की बात भी कही गई है। इस दौरान उसकी प्राथमिक चिकित्सा भी कराई गई थी। लेकिन इस दौरान उसे कोई गंभीर चोट लगने की बात सामने नहीं आई थी।
18 जून को ही धात की डीह गांव के लोगों के द्वारा तबरेज और उसके दो साथियों के विरुद्ध चोरी की प्राथमिकी भी दर्ज करायी गई थी। इसके बाद तबरेज को सदर अस्पताल ले जाकर उसकी एमएलसी भी कराई गई। वहां भी उसे किसी गंभीर चोट लगने की बात सामने नहीं आई थी। इसके बाद उसे न्यायिक अधिकारी के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया था। जानकारी के मुताबिक 22 जून को सुबह अचानक तबरेज की तबीयत खराब हो गई और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।