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दिल्ली हिंसा : संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों ने दिलबर नेगी को जिंदा जलाया था, चार्जशीट दायर
Fri, 05 Jun 2020 05:02 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Fri, 05 Jun 2020 05:02 AM IST
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दिल्ली हिंसा (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली हिंसा के दौरान हुए गोकुलपुरी हत्याकांड मामले में पुलिस ने गुरुवार को चार्जशीट दायर की। पुलिस ने 26 फरवरी को दिलबर नेगी का शव क्षत-विक्षत स्थिति में बृजपुरी के अनिल स्वीट हाउस में पाया था।
दिल्ली हिंसा की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की टीम ने 07 मार्च को दिलबर नेगी नाम के युवक की हत्या के आरोप में शाहनवाज को गिरफ्तार किया था। दिलबर नेगी दिल्ली हिंसा में मारा गया था और इसका शव शिव विहार के अनिल स्वीट हाउस में 26 फरवरी को क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।
गोकुलपुरी थाना पुलिस ने शाहनवाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/148/149/302/201/436/427 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। दिलबर नेगी उन लोगों में से है जिसकी हत्या हिंसा के दौरान सबसे ज्यादा क्रूरता से की गई थी।
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दिलबर नेगी (22) अनिल स्वीट हाउस में वेटर के रूप में काम करता था। दंगाइयों ने अनिल स्वीट हाउस में बुरी तरह तोड़फोड़ कर दी थी। साथ ही उन्होंने दिलबर की हत्या कर उसके दोनों हाथ तक काट दिए थे। दिलबर का शव 26 फरवरी को अनिल स्वीट हाउस के दूसरे फ्लोर पर मिला था।
शाहनवाज पर आरोप है कि उसने साथियों संग मिलकर 24 फरवरी के दिन शिव विहार तिराहा के पास के कई दुकानों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। साथ ही कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। शाहनवाज ने एक बुक स्टोर और मिठाई की दुकान के गोदाम में घुसकर तोड़फोड़ के बाद दोनों दुकानों को आग लगा दी।
इन्हीं दुकानों में से एक मिठाई की दुकान में काम करने वाले दिलबर सिंह का शव पुलिस को 26 तारीख को मिला था। शव के दोनों हाथ कटे हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने शाहनवाज को 24 फरवरी के दिन भीड़ को भड़काने वाले मुख्य शख्स के रूप में पहचाना है।
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दिल्ली हिंसा की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की टीम ने 07 मार्च को दिलबर नेगी नाम के युवक की हत्या के आरोप में शाहनवाज को गिरफ्तार किया था। दिलबर नेगी दिल्ली हिंसा में मारा गया था और इसका शव शिव विहार के अनिल स्वीट हाउस में 26 फरवरी को क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था।
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गोकुलपुरी थाना पुलिस ने शाहनवाज के खिलाफ आईपीसी की धारा 147/148/149/302/201/436/427 के तहत एफआईआर दर्ज की थी। दिलबर नेगी उन लोगों में से है जिसकी हत्या हिंसा के दौरान सबसे ज्यादा क्रूरता से की गई थी।
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दिलबर नेगी (22) अनिल स्वीट हाउस में वेटर के रूप में काम करता था। दंगाइयों ने अनिल स्वीट हाउस में बुरी तरह तोड़फोड़ कर दी थी। साथ ही उन्होंने दिलबर की हत्या कर उसके दोनों हाथ तक काट दिए थे। दिलबर का शव 26 फरवरी को अनिल स्वीट हाउस के दूसरे फ्लोर पर मिला था।
शाहनवाज पर आरोप है कि उसने साथियों संग मिलकर 24 फरवरी के दिन शिव विहार तिराहा के पास के कई दुकानों में तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की। साथ ही कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया। शाहनवाज ने एक बुक स्टोर और मिठाई की दुकान के गोदाम में घुसकर तोड़फोड़ के बाद दोनों दुकानों को आग लगा दी।
इन्हीं दुकानों में से एक मिठाई की दुकान में काम करने वाले दिलबर सिंह का शव पुलिस को 26 तारीख को मिला था। शव के दोनों हाथ कटे हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने शाहनवाज को 24 फरवरी के दिन भीड़ को भड़काने वाले मुख्य शख्स के रूप में पहचाना है।