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Delhi : भीड़ और हिंसा पीड़ितों को 30 दिन के अंदर मिलेगा मुआवजा, एलजी ने दी योजना में संशोधन की मंजूरी
Sat, 30 Dec 2023 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 30 Dec 2023 06:11 AM IST
सार
शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना- 2018 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संशोधन के बाद पीड़ित को मुआवजे का अधिकार होगा।
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विस्तार
दिल्ली में भीड़ हिंसा से पीड़ित या उनके परिजनों को 30 दिन के भीतर मुआवजा मिलेगा। शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना- 2018 में संशोधन को मंजूरी दे दी। इस संशोधन के बाद पीड़ित को मुआवजे का अधिकार होगा। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने साल 2018 में राज्य सरकारों को एक माह के अंदर योजना तैयार करने के निर्देश दिया था। करीब पांच साल की देरी के बाद दिल्ली सरकार ने इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया है।
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अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना में ‘पीड़ित’ की परिभाषा में बदलाव करते हुए इसमें ‘अभिभावक’ और पीड़ित के ‘कानूनी उत्तराधिकारी’ को शामिल किया गया है। ऐसी घटनाओं में घायल होने अथवा मृत्यु होने से पीड़ित अथवा अभिभावक’ और उसके ‘कानूनी उत्तराधिकारी’ को नुकसान होता है। ऐसे में घटना के 30 दिनों के भीतर पीड़ित या उनके परिजनों को अंतरिम राहत प्रदान की जाएगी।
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संशोधन में पीड़ित की परिभाषा भी बताई
नए संशोधन के बाद खंड 2 (के) में ‘पीड़ित’ वह व्यक्ति होगा। जो भीड़ हिंसा में शिकार हुआ हो। उसे नुकसान या चोट का सामना करना पड़ा है और उसकी मृत्यु के मामले में, अभिव्यक्ति ''पीड़ित'' का अर्थ उसके अभिभावक या कानूनी उत्तराधिकारी को शामिल करना होगा। इस मुआवजे का उद्देश्य भीड़ हिंसा में वही एक व्यक्ति होगा जिसे अदालत या जांच एजेंसी ने ऐसी घटना के लिए पीड़ित माना हो। नियम 13 में कहा गया है कि भीड़ हिंसा में पीड़ित को अंतरिम मुआवजे सहित अंतरिम राहत, अपराध की तारीख से 30 दिनों के अंदर प्रदान की जाएगी।
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