दिग्विजय सिंह ने स्मृति ईरानी पर कसा तंज
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मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की योग्यता को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। स्मृति के बारे में जानकारी देने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के पांच कर्मचारियों के सस्पेंड होने के बाद अब इस पर और बवाल खड़ा हो गया है।
अब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने इस मामले में स्मृति ईरानी को लेकर तंज कसा है।
दिग्विजय ने ट्विटर के जरिए पांच कर्मचारियों के सस्पेंड करने के मुद्दे पर सवाल उठाया था। जब स्मृति ने डीयू के कुलपति से कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की तो दिग्विजय के बोल और तीखे हो गए।
'अच्छे दिन आ गए'
दिग्विजय सिंह ने पहले अपने ट्विटर पर लिखा- 'अच्छे दिन आ गए। वुड एनीवन स्टैंड फॉर द सस्पेंडेड डीयू ऑफिशियल्स।'
यही नहीं जब स्मृति ईरानी ने पांचों कर्मचारियों को बहाल करने की मांग की तो दिग्विजय ने दोबारा ट्विटर के जरिए स्मृति ईरानी पर टिप्पणी की।
दिग्विजय ने इस मामले में स्मृति ईरानी को धन्यवाद देते हुए लिखा कि कर्मचारियों की बहाली की अपील करने के लिए शुक्रिया। अब लोगों को आपकी (स्मृति) वास्तविक योग्यता पता चलनी चाहिए।
ट्विटर पर डीयू के वीसी से की अपील
मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने अपनी डिग्री को लेकर उठे विवाद के बाद सस्पेंड हुए डीयू के 5 कर्मचारियों को बहाल करने की अपील की है।
इन कर्मचारियों ने स्मृति की डिग्री के संबंध में जानकारी लीक की थी जिसके बाद डीयू प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। स्मृति ने ये अपील अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए डीयू के वीसी से की है।
उन्होंने अपनी ट्वीट में लिखा है कि डीयू एक स्वायत्तशासी संस्था है इसलिए मैं डीयू के वीसी से अपील करती हूं कि सस्पेंडेड कर्मचारियों को बहाल किया जाए। उन्होंने ये भी लिखा कि सार्वजनिक जीवन में सभी को आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए इसलिए मैं भी हूं।
पांच अधिकारियों पर कार्रवाई
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की दाखिले संबंधी जानकारी लीक होने के बाद डीयू प्रशासन ने पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक गलती स्वीकार करने के बाद एसओएल विभाग के इन पांचों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। हालांकि विभाग के अधिकारी इस मामले में बोलने से बच रहे हैं।
बता दें कि बीजेपी की दिग्गज नेता को एचआरडी मिनिस्टर बनाए जाने के बाद उनकी शिक्षा और योग्यता को लेकर सवाल उठाए जाने लगे थे। जिस पर अभी भी बवाल जारी है।
ऐसे निकाली थी जानकारी
सूत्रों के अनुसार स्मृति ईरानी ने वर्ष 2013 में बीए ऑनर्स (पॉलिटिकल साइंस) में दाखिला लिया था। निलंबित कर्मचारियों ने माना कि उन्होंने यूजर नेम और पासवर्ड डालकर यह गोपनीय जानकारी निकाली थी।
निलंबन के बाद एसओएल के अधिकारियों की एक बैठक भी हुई। इसमें तय हुआ कि ऐसी कोई गोपनीय जानकारी भविष्य में लीक न हो, इस पर ध्यान रखा जाएगा।
एक अखबार के अनुसार स्मृति ईरानी ने डीयू से आवेदन जरूर किया था लेकिन परीक्षा नहीं देने के कारण वह डिग्री हासिल नहीं कर सकीं थीं।