CEUT Exam: डीयू ने ऑनलाइन ओरिएंटेशन कार्यक्रम से छात्रों के सवालों का किया समाधान, सामान्य टेस्ट में समय प्रबंधन जरूरी
अधिकारियों ने बताया कि छात्र 11 वीं व 12 वीं की एनसीईआरटी पुस्तकों का ही अध्ययन करें। सीयूईटी इसी पर ही आधारित होगा। उसे एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर ही डिजाइन किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ट में गलत उत्तर देने पर एक अंक कटेगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2022-23 के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में दाखिला कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीईयूटी) से मिलेगा। 15 जुलाई से शुरू होने वाली इस परीक्षा को लेकर छात्रों में काफी असमंजस है। डीयू ने बुधवार को सीयूईटी ओरिएंटेशन कम गाइडेंस प्रोग्राम में छात्रों के इन्हीं सवालों को हल करने का प्रयास किया।
कई छात्रों को उलझन है कि सीयूईटी के लिए किस तरह की किताबों से तैयारी की जाए। कई छात्रों ने कोचिंग का सहारा भी लिया है और बाहरी पुस्तकों का अध्ययन भी कर रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि छात्र 11 वीं व 12 वीं की एनसीईआरटी पुस्तकों का ही अध्ययन करें। सीयूईटी इसी पर ही आधारित होगा। उसे एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर ही डिजाइन किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि टेस्ट में गलत उत्तर देने पर एक अंक कटेगा।
सीयूईटी में एक हिस्सा सामान्य टेस्ट का भी
सीयूईटी में एक हिस्सा सामान्य टेस्ट का भी है। इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य मानसिक क्षमता, संख्यात्मक क्षमता, मात्रात्मक तर्क, तार्किक और विश्लेषणात्मक तर्क पर आधारित सवाल पूछे जाएंगे। इस हिस्से को हल करने के लिए छात्र को 60 मिनट मिलेंगे। जिसमें 75 में से 60 सवालों के जवाब छात्रों को देने होंगे। सीयूईटी के तीनों हिस्सों (भाषा, विषय आधारित व सामान्य टेस्ट) को हल करने में समय प्रबंधन का ध्यान रखें।
एनटीए के मॉक टेस्ट से भी करें अभ्यास
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दो दिन पहले सीयूईटी की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट जारी किए हैं। डीयू अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को सीयूईटी देने से पहले मॉक टेस्ट देने का अभ्यास करना चाहिए। इससे उन्हें परीक्षा देने के तरीके का आइडिया मिल सकेगा। उन्हें परीक्षा के पैटर्न और सवाल किस तरह से आएंगे, परीक्षा के लिए कितना समय मिलेगा, इस बात की जानकारी मिल सकेगी।
कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा
छात्रों में इस बात को लेकर भी उलझन है कि यह ओएमआर आधारित परीक्षा है। कार्यक्रम में बताया गया कि यह एक कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा है। इसमें छात्रों को सवाल कंप्यूटर स्क्रीन पर मिलेंगेे और उन्हेें किसी एक का चयन करना है। इसमें छात्र को ओएमआर शीट नहीं मिलेगी।
चार वर्षीय पाठ्यक्रम के अवलोकन के लिए समय कम
अकादमिक मामलों पर स्थायी समिति की बैठक में दिल्ली विश्वविद्यालय में 19 विभागों द्वारा तैयार किए गए पहले सेमेस्टर के चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रमों पर चर्चा हुई। बैठक में सदस्यों की ओर से महज 12 घंटे पहले एजेंडा आइटम देने पर आपत्ति जताई। बैठक में सदस्यों की ओर से कहा गया कि कई विभागों ने पाठ्यक्रम को हितधारकों के लिए सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नही कराया था। ऐसे में पाठ्यक्रम की सामग्री और गुणात्मक सुझावों पर विचार-विमर्श कम समय में नहीं किया जा सकता। बैठक में प्रशासन ने सदस्यों से पाठ्यक्रम को लेकर सलाह उपलब्ध कराने को कहा। अच्छी सलाह होने पर उसे स्वीकार किया जाएगा। बताया जा रहा है कि पाठ्यक्रम पर चर्चा के लिए दो बैठकें होंगी। उसके बाद ही पाठ्यक्रम को अकादमिक कॉउन्सिल की बैठक में पास कराने के लिए रखा जाएगा।
दाखिले के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि आज
दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातकोत्तर (पीजी) और पीएचडी में प्रवेश के लिए बृहस्पतिवार यानी 30 जून आवेदन पत्र भरने की आखिरी तारीख है। इससे पहले डीयू ने जून के दूसरेे सप्ताह में तिथि को आगे बढ़ाकर 30 जून किया था।
डीयू पीजी में दाखिले के लिए सामान्य वर्ग, ओबीसी और आर्थिक रुप से कमजोर श्रेणी के आवेदकों को प्रति कोर्स 750 रुपये व एससी-एसटी व पीडब्ल्यूडी श्रेणी के आवेदकों को प्रति कोर्स 300 रुपये के आवेदन शुल्क का भुगतान करना है। डीयू के पीजी कोर्सेज में दाखिले के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (डीयूईटी) आयोजित किया जाता है।