मॉक टेस्ट में ही फेल हुई दिल्ली यूनिवर्सिटी, बीकॉम के छात्रों को पकड़ाया हिंदी का पेपर
- ओपन बुक एग्जामिनेशन की तैयारी के लिए चार जुलाई से आठ जुलाई तक कराया जा रहा मॉक टेस्ट
- कहीं प्रश्न पत्र ही नहीं हुए डाउनलोड तो कहीं बीकॉम के छात्रों को दूसरे विषयों के प्रश्न पत्र मिल दिए गये
- दिव्यांग छात्रों को पांच घंटे की बजाय मिला सिर्फ तीन घंटे का समय
- प्रश्न पत्रों में सिलेबस से बाहर के पूछे गये सवाल
विस्तार
ओपन बुक एग्जामिनेशन को लेकर पहले ही कई सवालों के घेरे में खड़ी दिल्ली यूनिवर्सिटी अपने पहले ही मॉक टेस्ट में फेल हो गई है। ओपन बुक एग्जामिनेशन की परीक्षा के हिसाब से छात्रों को तैयार करने के लिए आयोजित हो रहे इस मॉक टेस्ट में कहीं पर प्रश्न पत्र ही नहीं डाउनलोड नहीं हुए तो कहीं बीकॉम के छात्रों को हिंदी का प्रश्न पत्र दे दिया गया।
छात्रों ने शिकायत की है कि मुख्य परीक्षा के लिए दिए गये आईकार्ड की सही जानकारी भरने के बाद भी सिस्टम उन्हें ‘पहचान’ नहीं पा रहा था और उनके पेपर डाउन लोड नहीं हुए।
वहीं, जिनके प्रश्नपत्र डाउनलोड हुए, उनसे पाठ्यक्रम के बाहर से सवाल पूछे गए। छात्र सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा कर रहे हैं।
छात्रों की भारी संख्या के कारण परीक्षा के अंत तक परीक्षा का अयोजन करा रही वेबसाइट ही क्रेश हो गई।
सत्यवती कॉलेज के छात्र उत्कर्ष सिंह ने अमर उजाला को बताया कि वे बीए (ओनर्स) के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। आज जब मॉक टेस्ट देने के लिए प्रश्न पत्र डाउनलोड किया जाने लगा तब प्रश्न पत्र ही डाउनलोड नहीं हुआ।
बीकॉम के छात्रों को हिंदी विषय का प्रश्न पत्र दे दिया गया था। उनके कई दोस्तों को यह परेशानी सामने आई कि मुख्य परीक्षा के लिए दिए गये आईकार्ड की सही जानकारी भरने के बाद भी उनके प्रश्न पत्र डाउनलोड नहीं हुए और सिस्टम उन्हें गलत (error) दिखा रहा था।
राजधानी कॉलेज के दिव्यांग छात्र गौरव कुमार (राजनीति विज्ञान, ऑनर्स) ने बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट में यूनिवर्सिटी ने स्वीकार किया था कि दिव्यांग छात्रों को परीक्षा के दौरान पांच घंटे का समय दिया जायेगा।
लेकिन जब आज उन्होंने अपना प्रश्न पत्र डाउनलोड किया तब उन्हें केवल तीन घंटे का ही समय दिया गया। अगर इसी प्रकार की गलती मुख्य परीक्षा के दौरान होगी, तो यह उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
इतना ही नहीं, राजनीति विज्ञान के छात्रों के प्रश्न पत्र में अनेक सवाल ऐसे थे, जो उनके पाठ्यक्रम में कहीं नहीं हैं। ऐसे में छात्र ऐसे प्रश्नों के जवाब नहीं दे पाएंगे।
राजधानी कॉलेज के एक छात्र ने बताया कि वे रसायन शास्त्र के तृतीय वर्ष के छात्र हैं। लेकिन उनके प्रश्नपत्र में उनके सिलेबस की बजाय रसायन शास्त्र के सामान्य विषयों (पास प्रोग्राम) के प्रश्न पूछ लिए गये। तृतीय वर्ष के छात्रों के प्रश्न पत्र में सेकंड ईयर के सिलेबस के सवाल भी पूछ लिए गये हैं।
इस तरह किया बचाव
दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर ने कहा कि मॉक टेस्ट का आयोजन छात्रों और शिक्षकों को ओपन बुक सिस्टम से परिचित कराने के लिए किया जा रहा है। यह सिस्टम खुद यूनिवर्सिटी के लिए भी नया है।
इस तरह हम अपनी तैयारियों की भी समीक्षा कर रहे हैं। सिस्टम में कहीं भी कोई कमी पाई जाती है, तो उसे समय रहते ठीक किया जायेगा। जिससे मुख्य परीक्षा के दौरान किसी को कोई परेशानी नहीं आए।
छात्रों को ओपन बुक एग्जामिनेशन (Open Book Examination, OBE) के सिस्टम से परिचित कराने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University, DU) ने चार जुलाई से आठ जुलाई के बीच 12 मॉक टेस्ट (Mock Test) का आयोजन किया है।
इसे सुबह, दोपहर और शाम की तीन शिफ्ट में आयोजित किया जाना है। शनिवार सुबह पहले दिन के पहले शिफ्ट की परीक्षाएं आयोजित की गईं।
कोरोना काल में छात्रों को संक्रमण से बचाने और छात्रों के शैक्षणिक सत्र को समय से जारी रखने के लिए ओपन बुक सिस्टम की पद्धति से 10 जुलाई से 22 जुलाई तक मुख्य परीक्षाओं को आयोजित कराने का निर्णय लिया गया है।