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डीयू ने 21 भाषाओं को शैक्षणिक विषयों की सूची में शामिल किया, भारतीय भाषाओं का चयन करने वालों को राहत
Sat, 01 Jun 2019 10:42 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 01 Jun 2019 10:42 PM IST
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डीयू दाखिला प्रक्रिया शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की दाखिला प्रक्रिया में इस बार आधुनिक भारतीय भाषाओं (मॉडर्न इंडियन लैंग्वेज) को पढ़ने की इच्छा रखने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। इस बार स्नातक कोर्सेज के दाखिले में बेस्ट फोर में इन भाषाओं को शामिल करने पर छात्रों के अंक नहीं कटेंगे। प्रशासन ने संविधान की आठवीं अनुसूूची में शामिल 21 आधुनिक भारतीय भाषाओं को शैक्षणिक विषयों की सूची में शामिल किया है। इन्हें विषयों की सूची ए में शामिल किया गया है।
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डीयू में बीते साल तक अंग्रेजी कोर, अंग्रेजी इलेक्टिव, हिंदी कोर, हिंदी इलेक्टिव ही सूची में शामिल थी। इस बार इस सूची में अन्य आधुनिक भारतीय भाषाओं जैसे नेपाली, असमिया, तमिल, मलायलम, उड़िया, मराठी जैसी भाषाओं को भी शामिल किया है। अब तक सूची में इन भाषाओं के नहीं होने से यदि छात्र इन्हें अपने बेस्ट फोर विषयों में शामिल करते थे तो उनके 2.5 फीसदी अंकों की कटौती होती थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। अंकों की कटौती का नुकसान राज्य बोर्ड के उन छात्रों को होता था जो कक्षा बारहवीं में एक वैकल्पिक विषय के रूप में बोलने वाली अपनी भाषा को लेते थे।
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अब तक कुछ ही कॉलेज बीए प्रोग्राम में आधुनिक भारतीय भाषाओं को विषय के रूप में लेने पर कट ऑफ में छूट देते हैं। दरअसल बीए प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले छात्रों को एमआईएल (संस्कृत, पंजाबी, बंगाली, उर्दू, तेलुगु) पढ़ा होने पर 10 फीसदी तक की छूट का लाभ मिलता है। यह छूट अलग-अलग कॉलेजों में अलग-अलग होती है।
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