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अगले दो दिन सांसों पर भारी: गैस चैंबर बनी दिल्ली, इस साल का सबसे अधिक AQI दर्ज; नोएडा की हवा सबसे जहरीली

Sun, 14 Dec 2025 07:32 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sun, 14 Dec 2025 07:32 PM IST
सार

रविवार को पूरे देश में दिल्ली तीसरी सबसे अधिक प्रदूषित रही। पूरे दिन आसमान में स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। वजीरपुर में एक्यूआई 500 दर्ज किया गया। रोहिणी समेत अन्य इलाकों में यही भयावह स्थिति रही।

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Delhi turns into gas chamber records highest AQI this year Noida air is most toxic in ncr
वायु प्रदूषण - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

हवा की धीमी गति और खराब मौसम ने दिल्ली को गैस चैंबर बना दिया है। रविवार को लगातार दूसरे दिन हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। यह इस सीजन का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया। यही नहीं, देश भर में दिल्ली तीसरी स्थान पर सबसे अधिक प्रदूषित रही। सुबह की शुरुआत धुंध और कोहरे से हुई। वहीं, पूरे दिन स्मॉग की मोटी चादर भी दिखाई दी। इस कारण कई इलाकों में दृश्यता भी बेहद कम रही। ऐसे में सफदरजंग एयरपोर्ट में सुबह आठ बजे 200 मीटर, पालम एयरपोर्ट में 350 दर्ज की गई। सुबह 8:30 बजे तक भी इसमें खास सुधार नहीं आया। 

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एनसीआर में नोएडा रही सबसे प्रदूषित
जहरीली गैस से बचने के लिए लोग एन95 मास्क का सहारा लेते नजर आए। लोगों को आंखों में जलन व सांस के मरीजों को परेशानी हुई। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 461 दर्ज किया गया। यह हवा की गंभीर श्रेणी है। इसमें शनिवार की तुलना में 30 सूचकांक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 466 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 459, ग्रेटर नोएडा में 435 और गुरुग्राम में 291 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 218 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।

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दो दिन बेहद खराब रहेंगे
सीपीसीबी के अनुसार, रविवार को हवा पश्चिमी दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 800 मीटर रही। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 448.2 और पीएम2.5 की मात्रा 294.2 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि सोमवार से मंगलवार के बीच हवा के बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लोगों को आंखों में जलन, खांसी, खुजली, सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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राहत के नहीं आसार
दिल्ली में हवा की रफ्तार आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से कम है। साथ ही ठंड बढ़ने से प्रदूषण के कण ज्यादा देर तक वायुमंडल में बने हुए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो अगले तीन-चार दिनों के बीच दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

क्यों बिगड़ती जा रही दिल्ली की हवा?
विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है, खासकर पश्चिमी विक्षोभ जिसके चलते शुक्रवार से हवा की गति बहुत कम है। स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, हवा की इस कम गति के कारण प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि हुई है। ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं। प्रदूषकों को ऊपर जाने का रास्ता नहीं मिलता, इसलिए वे जमीन के बहुत करीब फंसे रहते हैं।


 

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