दिल्ली में ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर एक नया नियम आ गया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस से संबधित अलग-अलग कामों के लिए एक ही फॉर्म नंबर-2 भरना होगा।
दिल्ली परिवहन विभाग ने अपने डीएल के सभी फॉर्म को मिलाकर तीन पन्ने का एक फॉर्म बना दिया है। पहले आप एक अस्थायी डीएल बनवाने फिर उसे पक्का कराने के बाद उसके नवीनीकरण आदि के लिए अलग-अलग फॉर्म भरते थे। अधिकारियों ने बताया कि डीएल का यह फॉर्म पूरे देश में लागू होगा। इसके साथ ही डीएल के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया है।
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यह फैसला तमिलनाडु में ही लागू होगा।
फार्म में मोबाइल नंबर का होना भी जरूरी है। आधार व मतदाता पहचान पत्र को ही अब जन्म प्रमाण पत्र माना जाएगा। बता दें कि अभी तक इन दोनों को सिर्फ एड्रेस प्रूफ के रूप में ही मान्यता मिली हुई थी।
बताया जा रहा है कि आधार अनिवार्य होने से डीएल को लेकर होने वाले फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी। बहुत से लोग देश में अलग-अलग जगहों से डीएल बनवा लेते है। लेकिन अब एक बार आधार जुड़ जाने से वह सिर्फ एक डीएल ही बनवा पाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली में हर साल डीएल से संबंधित 5 लाख आवेदन आते हैं। फॉर्म में आवेदनकर्ता से पूछा जाएगा कि क्या वह मृत्यु के बाद अंगदान करने के इच्छुक हैं?
अगर वे इसे कॉलम में हां लिखते हैं तो डीएल पर ही उसके अंगदान की इच्छा को लिखा जाएगा। इस नियम पर विभाग ने बताया कि दिल्ली में करीब 1500 लोग हर साल सड़क हादसे में जान गंवाते हैं। मरने वालों के डीएल में अगर अंगदान की जानकारी हो तो हम उनसे दूसरे कई लोगों की जान बचा सकते हैं।