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ईवीएम को लेकर दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने सीएम केजरीवाल से किया ये दावा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 15 Mar 2017 04:30 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने दावा किया है ईवीएम से चुनाव कराने में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती। मगर ईवीएम या मतपत्रों से चुनाव कराने के बारे में सरकार को निर्णय लेना है। इस संबंध में आयोग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अवगत कराया है।
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मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ही ईवीएम के बजाए मतपत्र के माध्यम से तीनों नगर निगम के चुनाव कराने के लिए आयोग को पत्र लिखा था। आयोग ने एक घंटे बाद ही केजरीवाल को पत्र का जवाब भेज दिया।
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केजरीवाल के सवालों का सिलसिलेवार जवाब देते हुए राज्य चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव ने बताया कि ईवीएम के माध्यम से नगर निगम के दो चुनाव हो चुके हैं। मगर एक बार भी इसमें गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है। आयोग ने ईवीएम से चुनाव कराने की तैयारी पूरी कर ली है।
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मतपत्र या फिर ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय दिल्ली सरकार को करना है
delhi state election commission
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि मतपत्र या फिर ईवीएम से चुनाव कराने का निर्णय दिल्ली सरकार को करना है, लेकिन अब मतपत्रों से चुनाव कराना असंभव है। क्योंकि मतपत्रों से चुनाव कराने के लिए काफी तैयारी करनी होगी।
विशेषकर मतपेटी की व्यवस्था करनी पड़ेगी, जबकि अब मतपेटी बनाना बंद कर दिया गया है। वहीं चुनाव कराने के लिए कम समय बचा हुआ है और चुनाव टाले नहीं जा सकते। नगर निगम के चुनाव समय पर कराने का प्रावधान है।
उनका कहना है कि मतदान से पहले दो बार ईवीएम की जांच करके उसे दुरुस्त किया जाता है। इसके अलावा मतदान शुरू होने और मतदान खत्म होने के बाद राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर करके ईवीएम को चालू और बंद किया जाता है। इसके अलावा ईवीएम में ऐसा नहीं होता कि बटन किसी उम्मीदवार का दबाए और वोट अन्य उम्मीदवार को मिले।
विशेषकर मतपेटी की व्यवस्था करनी पड़ेगी, जबकि अब मतपेटी बनाना बंद कर दिया गया है। वहीं चुनाव कराने के लिए कम समय बचा हुआ है और चुनाव टाले नहीं जा सकते। नगर निगम के चुनाव समय पर कराने का प्रावधान है।
उनका कहना है कि मतदान से पहले दो बार ईवीएम की जांच करके उसे दुरुस्त किया जाता है। इसके अलावा मतदान शुरू होने और मतदान खत्म होने के बाद राजनीतिक दलों के पोलिंग एजेंट के हस्ताक्षर करके ईवीएम को चालू और बंद किया जाता है। इसके अलावा ईवीएम में ऐसा नहीं होता कि बटन किसी उम्मीदवार का दबाए और वोट अन्य उम्मीदवार को मिले।