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Delhi: 128 करोड़ के जीएसटी घोटाले में छह गिरफ्तार, 50 फर्जी कंपनियों का सिंडिकेट बेनकाब; 51 लाख रुपये जब्त
Sun, 17 May 2026 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 17 May 2026 03:33 AM IST
सार
पुलिस ने सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, महज एक कंपनी के जरिये 128 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई।
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- फोटो : FREEPIK
विस्तार
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी कंपनियां बनाकर बड़े पैमाने पर जीएसटी धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच के अनुसार, महज एक कंपनी के जरिये 128 करोड़ रुपये का फर्जी कारोबार दिखाकर सरकारी खजाने को करोड़ों की चपत लगाई गई। इस फर्जीवाड़े से आरोपियों ने करीब 10 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) भी हासिल किया है।
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गिरफ्तार आरोपियों में दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड राजकुमार दीक्षित (43), गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी विभाष मित्रा (34), मथुरा निवासी अमर (35), दिल्ली निवासी नितिन वर्मा (43), मो. वसीम (30) व आबिद (35) को भी दबोचा गया है। एक अन्य मुख्य आरोपी दिलीप कुमार फरार है।
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50 शेल कंपनियों का पता चला, हजारों करोड़ के लेनदेन की आशंका
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51.12 लाख रुपये नकद, 15 मोबाइल फोन, दो कारें, कई लैपटॉप, फर्जी मुहरें, नकली जीएसटी बिल और बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच के दौरान अब तक 50 शेल कंपनियों का पता चला है। आशंका जताई जा रही है कि इन कंपनियों के जरिए हजारों करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन कर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
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ऐसे होता था खेल
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे फर्जी कंपनियां बनाकर बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के नकली बिल तैयार करते थे। फिर बैंकिंग चैनलों के जरिए लेनदेन को वैध दिखाया जाता था। इन फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रुपये का कारोबार दर्शाकर जीएसटी रिटर्न दाखिल किए जाते और आईटीसी के नाम पर सरकारी खजाने से रकम हासिल कर ली जाती थी।
नौकरी का झांसा देकर दस्तावेज लिए, उसी कागजात पर खड़ी कर दी फर्जी कंपनी, अब तक 250 से अधिक शेल कंपनियां रजिस्टर्ड करा चुका
जीएसटी बिलों में हेराफेरी कर सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड नौवीं कक्षा तक पढ़ा राजकुमार दीक्षित अब तक 250 से अधिक शेल कंपनियां रजिस्टर्ड करा चुका है। फिलहाल एक कंपनी की जांच में ही करोड़ों के घोटाले का खुलासा हुआ है।