सैफई से लौट रही सिंगर से लाखों की लूट
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सैफई महोत्सव में प्रस्तुति देकर दिल्ली लौट रहीं सिंगर अलका गोयल और उनकी टीम के साथ यमुना एक्सप्रेसवे पर सादाबाद थाना क्षेत्र में स्कार्पियो सवार बदमाशों ने लूटपाट की। बदमाशों ने पूरी टीम को कार में बंधक बना लिया। मथुरा क्षेत्र में सभी को नीचे उतार इनोवा कार भी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस पर मामले की जानकारी आईजी को दी गई। इसके बाद थाना खंदौली में लूट की रिपोर्ट दर्ज हुई।
दिल्ली के चाणक्यपुरी की रहने वाली अलका गोयल सिंगर हैं। रविवार को उनका सैफई महोत्सव में कार्यक्रम था। रात तकरीबन ढाई बजे इनोवा कार से सात सदस्यीय टीम के साथ यमुना एक्सप्रेसवे से दिल्ली जा रहीं थीं। सादाबाद क्षेत्र में नगला हेता के पास पीछे से सफेद रंग की स्कार्पियो ने ओवरटेक किया।
कार सवारों ने उनकी गाड़ी रुकवा ली। कार में से उतरे 8-10 बदमाशों ने इनोवा कार के चालक नीरज को पकड़ लिया। इसके बाद हथियारों के बल पर लूटपाट शुरू कर दी। विरोध करने पर अलका और अन्य को पीटना शुरू कर दिया। दो बदमाश इनोवा कार में सवार हुए। सिंगर और उनके कुछ सदस्यों को बंधक बना लिया। कुछ सदस्यों को बदमाशों ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी में डाल लिया। इसके बाद कार को एक्सप्रेस वे पर दौड़ा लिया।
बदमाश सभी से नकदी और गहने लूटने के बाद मथुरा के पानी गांव में सड़क पर छोड़कर भाग निकले। सिंगर और उनके साथी देर रात मथुरा के यमुनापार थाने शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। यहां पर पुलिस ने मामला बलदेव थाने का बताकर टरका दिया। बलदेव थाने में मामला सादाबाद का बताया गया। वह लोग सादाबाद पहुंचे तो खंदौली थाने का बताकर मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इस पर सिंगर ने आईजी से शिकायत की।
आईजी के आदेश पर चालक नीरज पुत्र सत्यवीर ने थाना खंदौली में लूट का मामला दर्ज कराया है। अलका गोयल से 60 हजार रुपये, सोने की चार चूड़ी, कानो की दो बाली आदि कीमती सामान बदमाशों ने लूटे। वहीं उनकी टीम की सदस्य नीलम खन्ना से 14 हजार रुपये और गहने, सोवना शर्मा से छह हजार रुपये और अंगूठी, तिलक राज से आठ हजार रुपये, सुरेश मेहरा से तीन हजार रुपये, नीरज से चार हजार रुपये और चालक नीरज पुत्र सत्यवीर से भी रुपये लूट लिए।
पुलिस नहीं हुई सक्रिय
सिंगर से लूट के मामले में पुलिस सक्रिय नहीं हुई। इस कारण एक थाने से दूसरे थाने में पीड़ित को भटकना पड़ा। पुलिस सक्रिय होती तो लुटेरों को भी पकड़ने में टीम को लगाया जा सकता था।