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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यकारिणी का 9 मार्च को होगा चुनाव
Tue, 05 Mar 2019 05:37 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Tue, 05 Mar 2019 05:37 AM IST
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यकारिणी के चुनाव 9 मार्च को तय हो गए हैं। प्रधान पद के लिए पूर्व महासचिव मनजिंद्र सिंह सिरसा व पूर्व उपप्रधान हरमजीत सिंह के बीच मुकाबले की संभावना है। हालांकि, प्रधान पद के लिए अंतिम निर्णय पार्टी प्रधान ही करेंगे।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व उनके कई साथियों पर भ्रष्टाचार के आरोप व अदालत द्वारा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के कारण सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने त्यागपत्र दे दिया था। पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल 29 मार्च तक था, लेकिन अब 20 दिन पहले चुनाव तय हो गए हैं। गुरुद्वारा निदेशालय ने इस संबंध में चुनावों को हरी झंडी दे दी है।
मनजिंद्र सिंह सिरसा सुखवीर सिंह बादल के तो हरमनजीत सिंह प्रकाश सिंह बादल के करीबी माने जाते हैं। हरमनजीत सिंह हाल ही में राजोरी गार्डन गुरुद्वारा सिंह सभा के चुनावों में भारी मतों से प्रधान भी बने थे। सूत्रों के अनुसार वर्तमान कमेटी सदस्यों में से अधिकांश गुप्त वोटिंग में हरमनजीत सिंह का साथ दे सकते हैं। वहीं यदि वोटिंग हाथ उठाकर हुई तो सुखवीर सिंह बादल की पसंद के प्रत्याशी का प्रधान बनना तय है।
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पहले कभी जीके के करीबी रहे हरमीत सिंह कालका भी प्रधान पद के लिए मैदान में हैं, लेकिन जीके के वफादार होने के नाते उनका पलड़ा काफी कमजोर हो गया है। इतना ही नहीं, जीके के करीबियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इसका मुख्य कारण यह भी है कि जीके के समय जिन लोगों को प्रशासनिक काम में रखकर मोटा वेतन दिया जा रहा था, उन सभी को अब बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।
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गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके व उनके कई साथियों पर भ्रष्टाचार के आरोप व अदालत द्वारा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के कारण सभी कार्यकारिणी सदस्यों ने त्यागपत्र दे दिया था। पूर्व कार्यकारिणी का कार्यकाल 29 मार्च तक था, लेकिन अब 20 दिन पहले चुनाव तय हो गए हैं। गुरुद्वारा निदेशालय ने इस संबंध में चुनावों को हरी झंडी दे दी है।
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मनजिंद्र सिंह सिरसा सुखवीर सिंह बादल के तो हरमनजीत सिंह प्रकाश सिंह बादल के करीबी माने जाते हैं। हरमनजीत सिंह हाल ही में राजोरी गार्डन गुरुद्वारा सिंह सभा के चुनावों में भारी मतों से प्रधान भी बने थे। सूत्रों के अनुसार वर्तमान कमेटी सदस्यों में से अधिकांश गुप्त वोटिंग में हरमनजीत सिंह का साथ दे सकते हैं। वहीं यदि वोटिंग हाथ उठाकर हुई तो सुखवीर सिंह बादल की पसंद के प्रत्याशी का प्रधान बनना तय है।
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पहले कभी जीके के करीबी रहे हरमीत सिंह कालका भी प्रधान पद के लिए मैदान में हैं, लेकिन जीके के वफादार होने के नाते उनका पलड़ा काफी कमजोर हो गया है। इतना ही नहीं, जीके के करीबियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। इसका मुख्य कारण यह भी है कि जीके के समय जिन लोगों को प्रशासनिक काम में रखकर मोटा वेतन दिया जा रहा था, उन सभी को अब बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है।