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अस्पतालों में लगातार गंभीर मरीज हो रहे हैं भर्ती, महज 12 % वेंटिलेटर की खाली

Fri, 27 Nov 2020 06:23 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Fri, 27 Nov 2020 06:23 PM IST
सार

  • दो सप्ताह में 1300 आईसीयू बेड बढ़ाए गए, 73 फ़ीसदी अभी भी भरे हुए
  • अस्पतालों में लगातार गंभीर मरीज हो रहे हैं भर्ती , महज 12 % वेंटिलेटर की खाली

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delhi : Serious patients are getting admitted in hospitals, only 12 percent of ventilators are empty
नई दिल्ली में एलएनजेपी अस्पताल के पास शहनाई बैंक्वेट हॉल में बनाए गए एक आइसोलेशन वार्ड के अंदर पीपीई किट पहने हुए एक स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI

विस्तार

राजधानी में गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेडकी संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। इसके बावजूद अभी भी 80 फ़ीसदी बेड भरे हुए हैं। इसका बड़ा कारण यह है कि अधिकतर मरीज इस समय गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इनको सीधा आईसीयू या वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ रहा है। कई मरीजों को कोरोना एप पर बेड खाली दिखने के बावजूद अस्पताल पहुंचने पर बेड उपलब्ध नहीं हो रहा है। दिल्ली में कोरोना के मरीजों के फिलहाल कुल 3201 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं जहां मरीजों को ऑक्सीजन देने की सुविधा है। इनमें से 2314 भरे हैं और 887 बेड खाली हैं।

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वहीं,  कुल 1475 वेंटिलेटर बेड में से 1269 भर चुके हैं और 206 खाली हैं। इस हिसाब से देखें तो 73 फीसदी आईसीयू और 86 फीसदी वेंटिलेटर बेड भरे हुए हैं, जो बेड खाली हैं। कई बार उन पर भर्ती होने में परेशानी भी आ रही है। जीटीबी अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में लगातार गंभीर मरीज भर्ती हो रहे हैं, जैसे ही आईसीयू बेड खाली होता है। उस पर तुरंत दूसरा मरीज भर्ती हो जाता है। ऐसे में बाहर से आने वाले मरीज को एप पर बेड खाली दिखाता है, लेकिन बेड मिलने में परेशानी होती है, उन्होंने कहा कि फिलहाल बेड की कोई समस्या नहीं है। सरकार आने वाले दिनों में अस्पताल में और भी आईसीयू बेड बढ़ाएगी।
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कई निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड नहीं है खाली
दिल्ली के कई बड़े अस्पताल जैसे अपोलो, मैक्स साकेत, फोर्टिस, बत्रा अस्पता  में सभी वेंटिलेटर बेड भरे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड इसलिए भर रहे हैं क्योंकि कई मरीज निजी अस्पतालों को प्राथमिकता दे रहे हैं। साथ ही दिल्ली के बाहर से आने वाले मरीज भी इन्हीं अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। अधिकारी के मुताबिक, 2 सप्ताह पहले 90 फ़ीसदी आईसीयू बेड गए थे,  लेकिन अब लगातार स्थिति  बेहतर  की जा रही है। इस समय करीब 26 फ़ीसदी बेड खाली हैं।
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दो हजार सामान्य और 1300 आईसीयू बेड बढ़ाए गए
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक,  कोरोना मरीजों के लिए बीते 2 सप्ताह में दो हजार सामान्य और 1300 आईसीयू बेड बढ़ाए गए हैं। दिल्ली के तीन बड़े कोविड अस्पतालों में ही करीब 300 अतिरिक्त आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही कई निजी अस्पतालों में 60 फ़ीसदी बेड कोरोना के मरीजों के लिए आरक्षित रखे गए हैं। यहां सामान्य मरीजों की छुट्टी होने के बाद उन बेड को कोविड मरीजों के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है।

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