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फैसला: एक नवंबर से दिल्ली में खुलेंगे स्कूल, घाटों पर छठ पूजा की इजाजत मिली

Wed, 27 Oct 2021 02:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Wed, 27 Oct 2021 02:12 PM IST
सार

बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। प्रदेश में छठ पूजा का आयोजन भी होगा। प्रदेश में कोरोना नियंत्रण में है।

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Delhi school reopen DDMA decides to open all classes and schools in delhi informs manish sisodia chhath poja also allowed
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना के घटते केस के बीच दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने 50 फीसदी क्षमता के साथ दिल्ली के सभी स्कूलों को खोलने की इजाजत दे दी है। कोविड प्रोटोकॉल के साथ एक नवंबर से सभी कक्षाएं खुल जाएंगी। उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में डीडीएमए की बैठक में छठ पर्व के सार्वजनिक आयोजन को भी मंजूरी दे दी गई। कोविड प्रोटोकॉल के साथ दिल्ली सरकार की तरफ से चुने गए घाटों पर श्रद्धालु छठ पर्व मना सकेंगे।

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इससे पहले बुधवार को उपराज्यपाल ने डीडीएमए की बैठक ली। इसमें कोरोना के मौजूदा हालात की समीक्षा के साथ भविष्य की संभावित स्थितियों का आकलन भी किया गया। विशेषज्ञों ने माना कि दिल्ली में कोरोना के हालात काबू में है। करीब दो माह से दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 0.1 फीसदी से भी कम आ रही है। फिर भी, उनकी सलाह थी कि कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित होना चाहिए। 
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इसकी जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के हालत बेहतर है। ऐसे में तयशुदा छठ घाटों पर कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन किया जा सकेगा। सरकार सुनिश्चित करेगी कि छह घाटों पर कोरोना से बचने के लिए तय नियमों को लागू किया जाए। इसके लिए जल्द ही एक कार्य संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी होगी।
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दिल्ली सरकार ने की थी कोशिश:
इससे पहले दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन की मंजूरी देने के लिए उपराज्यपाल व केंद्र सरकार से गुजारिश की थी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिखकर उपराज्यपाल से छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन को अनुमति देने का आग्रह किया था। वहीं, उपमुख्यमंत्री ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छठ के आयोजन की अनुमति मांगी थी।

आठ से शुरू होगी छठ पूजा:
इस बार छठ पूजा की शुरुआत आठ नवंबर को नहाय खाय से हो रही है। नौ नवंबर को खरना है। 10 नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य दिया जाएगा। वहीं, 11 नवंबर को सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा का समापन हो जाएगा।




मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना के हालात इस वक्त काबू में हैं। चिंता की बात नहीं, लेकिन सावधान रहने की जरूरत है। सिसोदिया ने कहा कि छठ पूजा के सार्वजनिक आयोजन को मंजूरी भी मिल गई है।

स्कूल के बारे में लिया ये फैसला
. सभी स्कूल प्राइवेट व सरकारी खोले जाएंगे।
. 1 नवंबर से सभी स्कूल खोलने की इजाजत।
. अभिभावक को बाध्य नहीं किया जाएगा।
. 50 फीसदी से ज्यादा क्षमता से छात्रों को ना बुलाया जाए।
. स्कूल के स्टाफ को सौ फीसदी टीका लगा हो, नहीं लगा हो तो तुरंत लगवाएं।
. ऑनलाइन क्लास भी चलेगी और स्कूल भी खुलेंगे।
. सभी क्लासेस और सभी स्कूल को खोलने की इजाजत।

बच्चों को स्कूल आने के लिए अभिभावकों की मंजूरी जरूरी

मनीष सिसोदिया ने बताया कि स्कूलों को खोलने का फैसला लिया गया है। दिल्ली में एक नवंबर से 50 फीसदी क्षमता के साथ स्कूलों की सभी कक्षाएं खुल जाएंगी। अब नर्सरी से आठवीं तक के बच्चे भी स्कूल जा सकेंगे। जबकि पहले 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दी गई थी। हालांकि, कोई भी स्कूल अभिभावकों की मंजूरी के बिना बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं करेगा। ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन क्लास जारी रहेगी। साथ स्कूल 50 फीसदी की क्षमता के साथ ही खुलेगे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूलों के बंद रहने से पिछले डेढ़ साल से ज्यादा से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई करना काफी मुश्किल है। अब एक नवंबर से सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संबंधी सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अब दिल्ली में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल खोल दिए जाएंगे। बच्चों को स्कूलों में बुलाने से पहले उनके अभिभावकों की मंजूरी लेनी होगी।

सिसोदिया के मुताबिक, जल्द ही सरकार इन स्कूलों को खोलने से संबंधी एसओपी जारी कर देगी। सभी स्कूलों को ये सुनिश्चित करना होगा कि उनके सभी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हो। उन्होंने बताया कि अभी तक दिल्ली के स्कूलों के लगभग 98 फीसदी शिक्षक ऐसे है, जिन्हें वैक्सीन की कम से कम एक डोज लग चुकी है।

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