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Delhi : युवती भी मार सकती है खुद को चाकू, यह कहते हुए साकेत कोर्ट ने आरोपी को किया बरी
Fri, 18 Apr 2025 06:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा
सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली
सिमरन, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Apr 2025 06:11 AM IST
सार
अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी मोहम्मद शहजाद आलम को आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 354 (महिला के साथ छेड़छाड़), 354बी (महिला को बलपूर्वक निर्वस्त्र करना) के तहत आरोपमुक्त किया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
साकेत कोर्ट ने एक युवती को चाकू मारने के आरोपी को बरी किया है। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी मोहम्मद शहजाद आलम को आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 354 (महिला के साथ छेड़छाड़), 354बी (महिला को बलपूर्वक निर्वस्त्र करना) के तहत आरोपमुक्त किया।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नवजीत बुद्धिराजा ने कहा कि प्रतिवादी और घायल की कॉल रिकॉर्ड को प्राप्त करने में जांच अधिकारी की ओर से चूक हुई है, जो महत्वपूर्ण है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से आरोपी को अपने बचाव में यह साबित करने में भी मदद मिलती कि वह और घायल लगातार फोन पर एक-दूसरे के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि घटना की तारीख से पहले भी घायल ने ही उसे फोन करके मिलने के लिए कहा था।
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इस प्रकार ऐसा प्रतीत होता है कि जांच अधिकारी ने जानबूझकर कॉल डिटेल रिकॉर्ड प्राप्त करने से चूक की है। ऐसे में युवती के खुद को चाकू से घायल करने की संभावना को इन्कार नहीं किया जा सकता।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, 30 नवंबर, 2018 को आरोपी ने तुगलकाबाद एक्सटेंशन के जहांपनाह फॉरेस्ट के गेट नंबर 2 पर युवती के पेट पर चाकू से वार किया था। इस पूरी घटना का चश्मदीद गवाह सुरक्षा गार्ड रहा, जिसने बयान दर्ज करवाया।
आरोपी के खिलाफ जांच, गवाहों के बयान व बरामद चाकू के आधार पर आरोप पत्र तैयार किया और उसे अदालत के सामने पेश किया गया। अदालत ने 9 अप्रैल, 2019 को आरोपी पर आईपीसी की धारा 307/354/354बी के तहत अपराध तय किए लेकिन प्रतिवादी ने खुद को निर्दोष बताया और मुकदमा चलाने का दावा किया। इसके बाद अदालत ने सारे सबूतों व गवाहों को देखने के बाद आरोपी को दोषमुक्त किया।