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Delhi: मुनक नहर के किनारे विकसित होगा दिल्ली का सबसे लंबा डबल-डेकर ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर, DMRC ने शुरू की जांच
Thu, 16 Jul 2026 03:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धनंजय मिश्रा, दिल्ली
धनंजय मिश्रा, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:18 AM IST
सार
प्रस्ताव के अनुसार, करीब 16.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन केशवपुरम मेट्रो स्टेशन से रोहिणी सेक्टर-34 तक जाएगी।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली के उत्तर-पश्चिम और बाहरी हिस्सों में रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने मुनक नहर (वेस्टर्न यमुना कैनाल) के किनारे एक ही ऊंचे ढांचे पर मेट्रो और सड़क बनाने की योजना पर काम शुरू किया है। इसके लिए व्यवहार्यता जांच कराई जाएगी। यदि रिपोर्ट अनुकूल रही तो यह इलाका नया परिवहन गलियारा बन सकता है।
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प्रस्ताव के अनुसार, करीब 16.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन केशवपुरम मेट्रो स्टेशन से रोहिणी सेक्टर-34 तक जाएगी। इसी ढांचे के निचले हिस्से में इंद्रलोक से अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (यूईआर-2) तक लगभग 17 किलोमीटर लंबी सड़क या फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इससे रोहिणी, पीतमपुरा, केशवपुरम, बेगमपुर, मधुबन चौक, नेताजी सुभाष प्लेस, मुकरबा चौक और यूईआर-2 की ओर आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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डीएमआरसी अध्ययन में उपलब्ध जमीन, मार्ग की चौड़ाई, पुलों, मौजूदा मेट्रो ढांचों, बिजली-पानी की लाइनों, जल निकासी व्यवस्था और यातायात पर पड़ने वाले असर का आकलन करेगा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि कितनी जमीन प्रभावित होगी और किन स्थानों पर अतिक्रमण हटाने या अन्य व्यवस्था की जरूरत पड़ेगी।
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यातायात सर्वे के तहत वाहनों की संख्या, आवाजाही की दिशा, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, सड़क नेटवर्क, गति और जाम का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर रैंप, लूप और अन्य यातायात सुविधाओं की जरूरत तय होगी। डीएमआरसी ने अध्ययन छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
रिपोर्ट के आधार पर फैसला होगा कि परियोजना को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निर्माण चरण में आगे बढ़ाया जाए या नहीं। अध्ययन में निर्माण की तकनीक, लागत, यातायात प्रबंधन और संबंधित विभागों के साथ समन्वय जैसे पहलुओं का भी आकलन किया जाएगा।