केजरीवाल भी नहीं बचा पाएंगे दिल्ली का ये सपना!
केंद्र सरकार के पास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। मंगलवार को गृह राज्यमंत्री हरिभाई परथीभाई चौधरी ने लोकसभा में ये लिखित जानकारी दी।
दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का कोई प्रस्ताव सरकार के समक्ष नहीं है। गृहमंत्री के इस बयान के बाद से दिल्ली के पूर्ण राज्य का सपना देखने वालों को मायूसी झेलनी पड़ सकती है।
केंद्र के इंकार के बाद अब आम आदमी पार्टी इस मामले को सियासी मुद्दा बना सकती है। दिल्ली की राजनीति में पूर्ण राज्य के दर्जे की मांग का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है।
आप बना सकती है सियासी मुद्दा
भाजपा लंबे समय से दिल्ली को पूर्ण राज्य देने की मांग करती रही है। लेकिन हालिया समय में पार्टी के रवैये में बदलाव देखने को मिला है। सत्ता में आने के बाद भी भाजपा का रूख अलग है।
पिछले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा ने वायदा भी किया था कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की संभावनाओं पर गौर करेगी।
माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी अब इसे सियासी मुद्दा बना सकती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी पहली मुलाकात में भी ये मुद्दा उठा चुके हैं।