दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बरकरार: एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे प्रदूषित; कल और बढ़ सकता है एक्यूआई
दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। गुरुवार को राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 दर्ज किया गया है।
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राजधानी में हवा की दिशा बदलने से वायु प्रदूषण खराब श्रेणी में बरकरार है। ऐसे में बृहस्पतिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 280 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है। इसमें बुधवार की तुलना में 9 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 296 दर्ज किया गया, यह हवा की खराब श्रेणी है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में 290, नोएडा में 294 और गुरुग्राम में 290 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 223 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 14.58 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 12.38, आवासीय इलाकों से 3.57, निर्माण गतिविधियों से 1.85 और कूड़ा जलाने की 1.27 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बृहस्पतिवार को हवा पश्चिम दिशा से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली।
शुक्रवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका
वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1050 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 205.3 और पीएम2.5 की मात्रा 116.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शुक्रवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन, खांसी और सिर दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।