{"_id":"6ab3d3f691c83bad150e92d4","slug":"delhi-riots-case-verdict-on-sentencing-of-five-convicts-in-the-bhajanpura-petrol-pump-violence-case-today-delhi-ncr-news-c-503-1-del1005-1224-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली दंगा मामला: भजनपुरा पेट्रोल पंप हिंसा मामले में पांच दोषियों की सजा पर फैसला आज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली दंगा मामला: भजनपुरा पेट्रोल पंप हिंसा मामले में पांच दोषियों की सजा पर फैसला आज
विज्ञापन
-अदालत ने सजा पर बहस सुनवाई 24 सितंबर को तय की
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा इलाके में पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा के मामले में दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों की सजा पर बुधवार को सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश के लिए मामले को 24 सितंबर को सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मौजूद रहे। आरोपी तनवीर अली, आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार और हुनैन भी कोर्ट में मौजूद थे। आरोपियों की ओर से उनके वकीलों ने पैरवी की।
अदालत को बताया गया कि सभी दोषियों की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 430(3) के तहत सजा पर रोक लगाने के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल किए गए हैं। साथ ही, सभी दोषियों की सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल कर दी गई है। वहीं, आरोपी तनवीर अली की ओर से सीआरपीसी की धारा 437-ए और बीएनएसएस की धारा 481 के तहत जमानत बॉन्ड भी जमा किया। जमानतदार रबिया अदालत में खुद व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहीं। पूर्व में इसी जमानतदार के जमानत बॉन्ड की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध होने के आधार पर अदालत ने बॉन्ड स्वीकार कर लिया। यह बॉन्ड मामले के अंतिम निपटारे की तारीख से छह महीने तक प्रभावी रहेगा।
मामला 24 फरवरी 2020 को भजनपुरा पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे थे और पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के साथ पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 26 गवाह पेश किए गए थे। अदालत ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयानों और मौके के वीडियो व तस्वीरों के आधार पर पांचों की भीड़ में सक्रिय मौजूदगी को स्वीकार किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
कड़कड़डूमा कोर्ट में दिल्ली दंगों के दौरान भजनपुरा इलाके में पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा के मामले में दोषी ठहराए गए पांच आरोपियों की सजा पर बुधवार को सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने सजा पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश के लिए मामले को 24 सितंबर को सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) मौजूद रहे। आरोपी तनवीर अली, आरिफ, मोहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार और हुनैन भी कोर्ट में मौजूद थे। आरोपियों की ओर से उनके वकीलों ने पैरवी की।
अदालत को बताया गया कि सभी दोषियों की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 430(3) के तहत सजा पर रोक लगाने के लिए अलग-अलग आवेदन दाखिल किए गए हैं। साथ ही, सभी दोषियों की सामाजिक-आर्थिक रिपोर्ट भी अदालत में दाखिल कर दी गई है। वहीं, आरोपी तनवीर अली की ओर से सीआरपीसी की धारा 437-ए और बीएनएसएस की धारा 481 के तहत जमानत बॉन्ड भी जमा किया। जमानतदार रबिया अदालत में खुद व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहीं। पूर्व में इसी जमानतदार के जमानत बॉन्ड की सत्यापन रिपोर्ट उपलब्ध होने के आधार पर अदालत ने बॉन्ड स्वीकार कर लिया। यह बॉन्ड मामले के अंतिम निपटारे की तारीख से छह महीने तक प्रभावी रहेगा।
विज्ञापन
मामला 24 फरवरी 2020 को भजनपुरा पेट्रोल पंप के पास हुई हिंसा से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे थे और पुलिसकर्मियों पर पथराव करने के साथ पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ और आगजनी की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से 26 गवाह पेश किए गए थे। अदालत ने कुछ पुलिसकर्मियों के बयानों और मौके के वीडियो व तस्वीरों के आधार पर पांचों की भीड़ में सक्रिय मौजूदगी को स्वीकार किया था।
विज्ञापन