{"_id":"f2dce0265113912083868cf58c6607b0","slug":"delhi-residents-are-annoyed-from-delhi-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली पुलिस से ही सबसे ज्यादा परेशान हैं लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली पुलिस से ही सबसे ज्यादा परेशान हैं लोग
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 27 Feb 2014 05:02 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली की जनता दिल्ली पुलिस और एमसीडी से सबसे अधिक परेशान है। तीसरे नंबर पर दिल्ली जल बोर्ड है।
विज्ञापन
दिल्ली सरकार के पब्लिक ग्रिवांस मॉनिटरिंग सिस्टम (पीजीएमएस) में आई 13 हजार शिकायतें और सुझाव में सर्वाधिक इन्हीं महकमों के हैं। तीनों नगर निगमों से जुड़ी तीन हजार से ज्यादा शिकायतें हैं।
दिल्ली पुलिस से जुड़ी दो हजार के करीब शिकायतें हैं। इसमें से अभी तक करीब साढ़े तीन हजार का निपटारा किया जा चुका है। जबकि डेढ़ हजार से अधिक शिकायतें तय समय पर निपटाई नहीं जा सकी हैं।
विज्ञापन
उपराज्यपाल नजीब जंग ने पिछले एक सप्ताह में पीजीएमएस से मिलने वाली शिकायतों का निपटारा समय पर करने के निर्देश जारी किए हैं। ऑनलाइन शिकायतों की खिड़की भी खोली है।
विज्ञापन
ऑनलाइन शिकायत करने वालों की संख्या भी दो दिन में बढ़ी है। अभी तक करीब एक हजार शिकायत व सुझाव ऑनलाइन मिले हैं। पीजीएमएस के बारे में दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि जो शिकायतें आती हैं उसे ऑनलाइन ही ट्रांसफर कर दिया जाता है।
सूत्रों के अनुसार अरविंद केजरीवाल के शासनकाल में शुरू हुए पीजीएमएस में शिकायत के साथ-साथ सुझाव भी मंगाए गए थे। अभी तक उसी तरह आ रहा है। उपराज्यपाल नजीब जंग ने शिकायतों की नंबरिंग कर प्राथमिकता से निस्तारण का निर्देश दिया है। वहीं पॉलिसी से संबंधित सुझाव अधिकारियों तक अलग तरीके से पहुंचाने को कहा है।
ऐसे करें ऑनलाइन शिकायत
दिल्ली सरकार के किसी विभाग, एमसीडी, डीडीए, पुलिस से संबंधित कोई शिकायत है तो दिल्ली सचिवालय हेल्प डेस्क के अलावा वेबसाइट www.pgms.delhi.gov.in पर लॉगिन करके शिकायत भेज सकते हैं।
शिकायत के लिए साइट पर नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल एड्रेस, घर का पता, 2000 कैरेक्टर में शिकायत, इलाका, संबंधित विभाग(154 विभागों की सूची में से) भरना होगा। इसके अलावा 200 केबी तक की पीडीएफ फाईल भी अटैच कर सकते हैं। शिकायत जमा करने पर मोबाइल पर एक नंबर मिलेगा। भविष्य में स्टेटस उसी से देखा जा सकेगा।