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Delhi Red Fort Blast: एनआईए ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, 10 आरोपियों के खिलाफ 7500 पन्नों में आरोपपत्र
Thu, 14 May 2026 11:55 AM IST
Vijay Singh Pundir
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Thu, 14 May 2026 11:55 AM IST
सार
दिल्ली के लाल किले इलाके में नवंबर 2025 में हुए कार बम धमाके मामले में एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
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दिल्ली ब्लास्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लाल किला के बाहर 10 नवंबर 2025 को हुए भीषण कार बम धमाके मामले में गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष अदालत में 10 आतंकियों के खिलाफ 7500 पन्नों का विस्तृत आरोपपत्र दायर कर दिया है। इस धमाके में 15 लोगों की मौत हो गई थी और 35 लोग घायल हुए थे। एक दर्जन से अधिक वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे।
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एनआईए के आरोपपत्र के अनुसार, धमाका ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ (एजीयूएच) नामक आतंकी संगठन ने किया था, जो अल-कायदा इन द इंडियन सबकांटिनेंट की शाखा है। दोनों संगठनों को पहले ही केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित घोषित किया जा चुका है। धमाके को अंजाम देने वाला आतंकी उमर उन नबी (पुलवामा, जम्मू-कश्मीर) स्वयं कार में बैठकर मानव बम बना था। एनआईए ने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग से उसकी पहचान की पुष्टि की है। एनआईए ने अपनी जांच में पाया कि आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में गुप्त बैठक कर एजीयूएच को ‘एजीयूएच अंतरिम’ नाम से पुनर्जीवित किया था। इसके तहत उन्होंने ऑपरेशन हेवनली हिंद शुरू किया, जिसका उद्देश्य भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और शरिया कानून लागू करना था।
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इनके नाम आरोप पत्र में किए शामिल
आरोपपत्र में उमर उन नबी के अलावा डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद डार शामिल हैं। कई आरोपी कश्मीर के कट्टरपंथी मेडिकल प्रोफेशनल बताए गए हैं।
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वैज्ञानिक साक्ष्यों के जरिये साबित की गई वारदात
एनआईए का दावा है कि आरोपियों ने बड़े पैमाने पर हथियार जमा किए, नए सदस्य भर्ती किए, जिहादी प्रचार किया और घरेलू रसायनों से उच्च क्षमता वाले विस्फोटक तैयार किए। धमाके में इस्तेमाल किया गया विस्फोटक ट्राईएसीटोन ट्राईपरॉक्साइड था, जिसे उन्होंने खुद तैयार किया था। 7500 पन्नों के आरोपपत्र में 588 मौखिक गवाहियों, 395 से अधिक दस्तावेजों और 200 से ज्यादा जब्त की गई वस्तुओं का जिक्र है। एनआईए ने फोरेंसिक, डीएनए, वॉयस एनालिसिस और वैज्ञानिक जांच के आधार पर पूरी साजिश को उजागर किया है।
इन धाराओं के तहत लगाए गए आरोप
आरोपपत्र यूएपीए 1967, भारतीय न्याय संहिता 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, शस्त्र अधिनियम 1959 और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया है। एनआईए ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी फरार आतंकियों की तलाश में तेजी से छानबीन कर रही है। यह मामला दिल्ली पुलिस से एनआईए को स्थानांतरित किया गया था। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने एक बड़े जिहादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसकी गतिविधियां जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर तक फैली हुई थीं।