फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi power crisis may deepen, increasing trouble in the summer

दिल्ली में गहरा सकता है बिजली संकट, गर्मियों में बढ़ेगी परेशानी

Tue, 15 Mar 2016 08:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 15 Mar 2016 08:17 AM IST
विज्ञापन
Delhi power crisis may deepen, increasing trouble in the summer
बिजली संकट

दिल्ली की करीब दो तिहाई इलाके में बिजली वितरण करने वाली कंपनी बांबे सबअर्बन इलेक्ट्रिक सप्लाई (बीएसईएस) की सहायक कंपनी राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) और यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) ने दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाले दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के अर्थ गणित को पूरी तरह से बिगाड़ दिया है।

विज्ञापन


ट्रांसको की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कर्मचारियों के वेतन और मरम्मत के काम पर भी असर पड़ रहा है। ट्रांसको के इन दोनों बिजली वितरण कंपनियों पर करीब 2000 करोड़ रुपये का बकाया है।
विज्ञापन


दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (डीटीएल) का कहना है कि राजधानी पावर लिमिटेड पर 1170.89 करोड़ और यमुना पावर लिमिटेड पर 787.16 करोड़ रुपये बकाया है। यह बकाया अक्तूबर-2010 से है। ट्रांसको की ओर से कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी दोनों बिजली वितरण कंपनियों की ओर से ट्रांसमिशन शुल्क का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने 26 मार्च-2014 को बिजली कंपनियों को आदेश दिया था कि वर्तमान भुगतान करने के आदेश दिए थे। बावजूद भुगतान नहीं किया जा रहा है इसी वजह से कंपनियों के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला भी दर्ज कराया गया है।

नहीं हुआ भुगतान तो खूब करनी होगी मशक्कत

Delhi power crisis may deepen, increasing trouble in the summer
बिजली संकट

ट्रांसको का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कंपनी की ओर से वर्तमान का भुगतान भी नहीं किया गया है। अप्रैल-14 से 29 फरवरी-16 तक तक राजधानी पावर पर 424.24 और यमुना पावर लिमिटेड पर 325.25 करोड़ रुपये बकाया है।

सूत्रों की मानें तो दिल्ली की बिजली उत्पादन कंपनियों का भी दोनों बिजली वितरण कंपनियों पर करीब 6000 करोड़ रुपये का बकाया है। दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड के प्रवक्ता ऋषि राज भाटी ने कहा है कि बिजली वितरण कंपनियों की ओर से पेमेंट नहीं करने की वजह से आर्थिक संकट गहरा गया है।

कर्मचारियों को वेतन मिलने भी दिक्कत हो रही है। आर्थिक तंगी की वजह से प्रोजेक्ट पर भी असर पड़ रहा है। आर्थिक हालत इतनी खराब होती जा रही है कि दिन प्रतिदिन का मरम्मत कार्य भी नहीं हो पा रहा है।

गर्मी के दिनों में भी यही हालात रहे तो गंभीर बिजली संकट की स्थिति हो सकती है। ट्रांसको ने यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की बिजली उत्पादन कंपनियों को बीआरपीएल और बीवाईपीएल भुगतान करती है लेकिन ट्रांसको को भुगतान नहीं करती।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed