Delhi : पुलिस ने आधार कार्डों की जानकारी के लिए यूआईडीएआई को लिखा पत्र, अवैध बांग्लादेशियों का मामला
दिल्ली पुलिस की दक्षिण जिला पुलिस ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यूआईडीएआई) को चिट्ठी लिखी है। पुलिस ने चिट्ठी लिखकर बांग्लादेशियों के बरामद किए गए 26 आधार कार्ड की डिटेल मांगी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय राजधानी में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों के लिए आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज मंगाने के मामल में दिल्ली पुलिस की जांच तेजी से चल रही है। दिल्ली पुलिस ने अभी तक 26 बांग्लादेशियों के फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं।
ऐसे में दिल्ली पुलिस की दक्षिण जिला पुलिस ने यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (यूआईडीएआई) को चिट्ठी लिखी है। पुलिस ने चिट्ठी लिखकर बांग्लादेशियों के बरामद किए गए 26 आधार कार्ड की डिटेल मांगी है।
दक्षिण जिले के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशियों के लिए फर्जी आधार कार्ड कर्नाटक बैंक की रोहिणी, दिल्ली स्थित शाखा में बनाए जाते थे। यूआईडीएआई ने टेंडर प्राइवेट कंपनी को देख रखा है। इस कंपनी ने आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाने के लिए अनुबंध पर ज्यादातर प्राइवेट व गैर जिम्मेदार युवक रखे हुए हैं। जिनकी कोई जिम्मेदारी नहीं होती है।
रोहिणी स्थित कर्नाटक बैंक में अनुबंध पर नौकरी कर रहा अफरोज फर्जी आधार कार्ड बनाने गिरोह के लिए फर्जी आधार कार्ड बना रहा था। अफरोज प्रति आधार कार्ड 4000 रुपये लेता था। बताया जा रहा है कि वह सैंकड़ों आधार कार्ड बना चुका है। वह बैंक में करीब 10 महीने से काम कर रहा था।
दूसरी तरफ दक्षिण जिला पुलिस बांग्लादेशियों को भारत में अवैध रूप से लाने और उनके फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सरगना अनीस शेख की तलाश कर रही है। दक्षिण जिला पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अनीस शेख के मोबाइल की लोकेशन मेघालय-बांग्लादेश बॉर्डर के पास बांग्लादेश की तरफ आ रही है। वह अभी भी बांग्लादेशियों को अवैध रूप से प्रवेश करा रहा है। दक्षिण जिला पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे सात बांग्लादेशियों को भी पकड़ा है।
कुछ सवाल...
- आरोपी अफरोज ने कितने फर्जी आधार कार्ड बना दिए है और ये किन लोगों के थे
- क्या यूआईडीएआई प्राइवेट लोगों द्वारा बनाए जा रहे आधार कार्ड पर नजर रख रही है
- 40 वर्ष के व्यक्ति का 18 वर्ष से कम का कैसे आधार कार्ड बन जाता है
- ऐसा तो नहीं है कि लोगों का निजी डाटा बेचा जा रहा हो
ये हुए थे गिरफ्तार
पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड व वोटर कार्ड आदि दस्तावेज बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर मृदुल मियां, उसकी पत्नी सिंथिया शेख, फरदीन अहमद उर्फ अभी अहमद व उसकी पत्नी रीपा, अफरोज, साहिल सहगल, दीपक मिश्रा, सोनू कुमार, सद्दाम हुसैन, मोहम्मद चांद, रणजीत व बरेली से एक बांग्लादेशी महिला मुन्नी शेख को गिरफ्तार किया था।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि जनता प्रिंट्स नाम की एक वेबसाइट से 2 रुपये से 20 रुपए में ये फर्जी कागजात प्रिंट करते थे। रजत मिश्रा नाम का एक आरोपी ये वेबसाइट 2022 से चला रहा था। इसमें बांग्लादेश की भूमिका सामने आ रही है।
वेबसाइट से जुड़े आरोपी
- सोनू कुमार- इसने जनता प्रिंट नाम से साइट बनाई थी
- चांद मोहम्मद-कागजातों के पैसे इसके बैंक खाते में आते थे
- सद्दाम हुसैन- ये पैसे देकर अपना कमीशन लेकर दीपक मिश्रा उर्फ रजत को दे देता था
- दीपक मिश्रा- ये पैसे को आगे सोनू कुमार को देता था