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Delhi: छात्रों को स्टूडेंट पुलिस कैडेट बनाकर अपराध कंट्रोल करेगी दिल्ली पुलिस, हर सब-डिवीजन से एक स्कूल चुना
Thu, 13 Oct 2022 07:57 AM IST
शाहरुख खान
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 13 Oct 2022 07:57 AM IST
सार
छात्रों को बढ़ते अपराध को लेकर दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोग से जागरूक किया जाएगा। छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को ये बताया जाएगा कि वह अगर कोई अपराध होता देखे तो पीड़ित की कैसे मदद करे। पुलिस को किस तरह सूचना दी जाती और दी जा सकती है। ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को अपराध को लेकर हर बात बताई जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली पुलिस दिल्ली में बढ़ रहे अपराध को काबू पाने के लिए तरह-तरह के कदम उठा रही है। अब दिल्ली पुलिस स्कूली छात्रों को स्टूडेंट पुलिस केडेट बनाकर अपराध पर काबू पाएगी। इसके लिए हर सब-डिवीजन में एक स्कूल को चुना गया है। स्कूल से 100 छात्र-छात्राओं की टीम तैयार की जाएगी।
ये छात्र अपने परिचित व लोगों को साइबर अपराध, स्ट्रीट क्राइम व ट्रैफिक नियमों के पालन करना बताएंगे। देश में सबसे पहले ये पहल केरल में शुरू की गई थी। इस प्रोजेक्ट के नोडल अफसर व उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की पहल पर ये प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। दिल्ली पुलिस के 15 जिलों में कुल 67 सब-डिवीजन हैं। तीन या दो थानों का मिलाकर सब-डिवीजन बनाया जाता है।
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सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी) सब-डिवीजन का प्रभारी होता है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर सब-डिवीजन से दिल्ली नगर निगम या फिर दिल्ली सरकार के स्कूलों से एक स्कूल चुना गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर स्कूल के 100 छात्रों को चुना जाएगा।
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ये छात्र अपने परिचित व लोगों को साइबर अपराध, स्ट्रीट क्राइम व ट्रैफिक नियमों के पालन करना बताएंगे। देश में सबसे पहले ये पहल केरल में शुरू की गई थी। इस प्रोजेक्ट के नोडल अफसर व उत्तरी जिले के पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही है।
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दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की पहल पर ये प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। दिल्ली पुलिस के 15 जिलों में कुल 67 सब-डिवीजन हैं। तीन या दो थानों का मिलाकर सब-डिवीजन बनाया जाता है।
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सहायक पुलिस आयुक्त(एसीपी) सब-डिवीजन का प्रभारी होता है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर सब-डिवीजन से दिल्ली नगर निगम या फिर दिल्ली सरकार के स्कूलों से एक स्कूल चुना गया है। इस प्रोजेक्ट के तहत हर स्कूल के 100 छात्रों को चुना जाएगा।
छात्रों को बढ़ते अपराध को लेकर दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के सहयोग से जागरूक किया जाएगा। छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। छात्रों को ये बताया जाएगा कि वह अगर कोई अपराध होता देखे तो पीड़ित की कैसे मदद करे। पुलिस को किस तरह सूचना दी जाती और दी जा सकती है। ट्रेनिंग के दौरान छात्रों को अपराध को लेकर हर बात बताई जाएगी।
ट्रेनिंग होने के बाद इन छात्रों को पुलिस के हर क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये प्रोजेक्ट दिल्ली पुलिस की कम्युनिटिंग पुलिस का हिस्सा है। इसके तहत छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए एसीपी की देखरेख में टीम बनाई गई है। इसमें थाने का एटीओ अफसर व दो ट्रेनिंग अफसर होंगे।
अधिकारियों के अनुसार स्कूली छात्रों को स्टूडेंट पुलिस केडेट बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कल्सी को नोडल अफसर बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त संजय बेनीवाल की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है। विशेष पुलिस आयुक्त संजय बेनीवाल ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के सभी सब-डिवीजन एसीपी व एटीओ इंस्पेक्टर की इस प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की थी।
ट्रेनिंग होने के बाद इन छात्रों को पुलिस के हर क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये प्रोजेक्ट दिल्ली पुलिस की कम्युनिटिंग पुलिस का हिस्सा है। इसके तहत छात्रों को ट्रेनिंग देने के लिए एसीपी की देखरेख में टीम बनाई गई है। इसमें थाने का एटीओ अफसर व दो ट्रेनिंग अफसर होंगे।
अधिकारियों के अनुसार स्कूली छात्रों को स्टूडेंट पुलिस केडेट बनाने का प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कल्सी को नोडल अफसर बनाया गया है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त संजय बेनीवाल की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को शुरू किया गया है। विशेष पुलिस आयुक्त संजय बेनीवाल ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस के सभी सब-डिवीजन एसीपी व एटीओ इंस्पेक्टर की इस प्रोजेक्ट को लेकर बैठक की थी।