{"_id":"61d9a277acfa98424c6c5041","slug":"delhi-police-special-cell-arrested-underworld-ajay-gurjar","type":"story","status":"publish","title_hn":"खिलाड़ी बना खलनायक: स्पेशल सेल ने अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर को किया गिरफ्तार, रह चुका है अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट, जीते थे 8 स्वर्ण पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खिलाड़ी बना खलनायक: स्पेशल सेल ने अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर को किया गिरफ्तार, रह चुका है अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट, जीते थे 8 स्वर्ण पदक
Sat, 08 Jan 2022 08:10 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 08 Jan 2022 08:10 PM IST
सार
अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर एक अंतररष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी रहा और उसने ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण पदक जीते थे।
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अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर उर्फ भाईजी को बदरपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी अजय अंडरवर्ल्ड चार गैंगस्टर हाफिज बलूच, इकबाल इब्राहिम कासकर, सुभाष ठाकुर और आरिफ जान के साथ मुंबई में 11 साल से मजबूत संबंधों में रहा है। अजय गुर्जर ने सतेंद्र उर्फ सत्ते के साथ मिलकर जेल में अपने सहयोगी अंकित गुर्जर की मौत का बदला लेने के लिए तिहाड़ जेल के एक वरिष्ठ अधिकारी की हत्या की भी साजिश रची थी।
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आरोपी पर मुंबई-महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा यूपी और राजस्थान में रंगदारी के दस मामलों समेत हत्या, हत्या का प्रयास, जबरन वसूली, हमला, दंगा व आपराधिक धमकी व हथियार अधिनियम के 24 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। अंडरवर्ल्ड गुर्गा अजय गुर्जर एक अंतररष्ट्रीय ताइक्वांडो ब्लैक बेल्ट खिलाड़ी रहा और उसने ताइक्वांडो में राष्ट्रीय स्तर पर 8 स्वर्ण पदक जीते थे। उसने वर्ष 2003 में भूटान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता था और वर्ष 2005 में मुंबई में आयोजित एक अन्य अंतरराष्ट्रीय ओपन चैलेंज प्रतियोगिता में 5वें स्थान पर रहा था।
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स्पेशल सेल डीसीपी (दक्षिणी रेंज) जसमीत सिंह के अनुसार अगस्त 2021 में दो लोगों के बीच एक ऑडियो कॉल वायरल हुआ था। इस ऑडियो कॉल में सतेंद्र उर्फ सत्ते अपने सहयोगी अजय गुर्जर से प्रतिद्वंद्वी गिरोह के एक सदस्य की हत्या को अंजाम देने के लिए एके-47 राइफल की व्यवस्था करने के लिए कह रहा था। साथ ही उस कॉल में सतेंद्र भी एक तिहाड़ के अधिकारी को बदला लेने के लिए गंभीर नुकसान पहुंचाने की बात कह रहा था। तिहाड़ जेल में इनके साथी अंकित गुर्जर की चार अगस्त को मौत हो गई थी। अंकित के परिजनों ने आरोप लगाया था कि तिहाड़ के अधिकारियों ने अंकित की पीट-पीट कर हत्या की है। हाईकोर्ट के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
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ऑडियो वीडियो को वायरल होने के बाद अजय गुर्जर गायब हो गया था। सेल में तैनात इंस्पेक्टर शिवकुमार की टीम चार राज्यों में आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। इंस्पेक्टर शिव कुमार को छह जनवरी को सूचना मिली थी कि अजय बस स्टैंड, बदरपुर, मथुरा रोड़ पर आएगा। एसीपी अत्तर सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर शिव कुमार व एसआई राजेश कुमार की टीम ने यहां घेराबंदी कर आरोपी गांव तुमसारा जिला पलवल हरियाणा निवासी अजय गुर्जर (41) पुत्र मामचंद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल व पांच कारतूस बरामद किए गए हैं।
अंडरवर्ल्ड ने अजय को भाईजी नाम दिया
अजय गुर्जर हिंसात्मक प्रवृति का व्यक्ति है। अपने अजीबोगरीब स्वभाव के कारण वह अचानक उकसावे पर व छोटी-छोटी बातों पर लोगों से झगड़ने लगता था। उसने वर्ष 2004 में मारपीट में एक व्यक्ति को चाकू मार दिया था। इस मामले में ये जेल गया था। जेल में इसकी आपराधिक प्रवृति के लोगों से मुलाकात हुई। इसके बाद ये इलाके के अच्छे लोगों से रंगदारी मांगने लगा। अंडरवर्ल्ड से संबंध रखने वाले अजय गुर्जर के चचेरे भाई जे.पी. गुर्जर ने उसे मुंबई के एक खूंखार गैंगस्टर हाफिज बलूच के पास भेज दिया। हाफिज बलूच ने अपने साथियों के साथ मिलकर साल 2008 में जुबैर पटेल उर्फ कात्या डॉन की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद हाफिज बलूच मुंबई से पलवल आ गया और अजय गुर्जर और उसके चचेरे भाई जेपी गुर्जर के घर में रहा। जबरन वसूली के कई मामले को अंजाम देने के बाद अजय गुर्जर मुंबई चला गया और हाफिज बलूच के घर में रहने लगा। अजय गुर्जर हाफिज बलूच और अंडरवर्ल्ड के अन्य गैंगस्टरों की शानदार जीवनशैली से काफी प्रभावित था। उसके मुंबई में चार कुख्यात अंडरवर्ल्ड गैंगस्टरों हाफिज बलूच, इकबाल इब्राहिम कास्कर, सुभाष ठाकुर और आरिफ जान (छोटा शकील का बहनोई) के साथ मजबूत अंडरवर्ल्ड संबंध रहे हैं। अजय गुर्जर को हाफिज बलूच ने भाई जी का कोड नेम दिया था और उन्होंने उनके साथ काम करना शुरू किया। अजय गुर्जर का परिचय दाऊद अब्राहिम के भाई इकबाल इब्राहिम कासकर के साथ वर्ष 2010 में हाफिज बलोच द्वारा किया गया था।
अंडरवर्ल्ड के लिए मुंबई में हत्याएं की थीं
अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि वह कुख्यात गैंगस्टर सुभाष ठाकुर और हाफिज बलूच की बैकएंड टीमों का हिस्सा बना रहा, जिन्होंने गैंगवार में मुंबई में अपने प्रतिद्वंद्वियों के सदस्यों की कई हत्याएं की थीं, लेकिन सुभाष ठाकुर ने इन अपराधों में अजय का नाम कभी नहीं बताया।
मंत्री व नेताओं से रंगदारी मांगी थीं
अजय गुर्जर ने सुभाष ठाकुर सहित अपने सहयोगियों के साथ वर्ष 2008 से 2018 के बीच हरियाणा और राजस्थान में व्यवसायियों, डॉक्टरों, एक पार्षद, हरियाणा के दो पूर्व मंत्रियों और उनके रिश्तेदारों सहित प्रमुख व्यक्तियों से भारी मात्रा में रंगदारी की मांग की थी। अजय गुर्जर ने हरियाणा के पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल के भतीजे और शिवचरण लाल शर्मा, पलवल क्षेत्र के पार्षद चंडी राम गुप्ता पर वर्ष 2012 में जबरन वसूली के लिए गोली चलाई थी। गोलीबारी व रंगदारी के मामलों में अजय को अंतत: वर्ष 2018 में गिरफ्तार किया गया था। अजय गुर्जर ने पूछताछ में अंडरवर्ल्ड का नाम नहीं लिया। अजय गुर्जर करीब 10 महीने पहले जेल से छूट कर आया था। अजय गुर्जर ने खुलासा किया है कि सुभाष ठाकुर ने उसे वर्ष 2018 में गिरफ्तारी से पहले पलवल इलाके में बढ़ते रियल एस्टेट कारोबार में अपना पैसा लगाने के लिए भी कहा था।