गिरफ्तार आतंकियों पर दिल्ली पुलिस का खुलासा- आईएसआई कर रहा है पंजाब के गैंगस्टर्स का इस्तेमाल
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दिल्ली के शकरपुर से सोमवार को गिरफ्तार हुए इस्लामिक और खालिस्तानी संगठन से जुड़े पांच आतंकियों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इन्हें लेकर दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आतंकी शब्बीर अहमद, अयूब पठान, रियाज, गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह एक बड़ी साजिश को अंजाम देना चाहते थे। ये सभी आईएसआई के संपर्क में थे।
पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को इन आतंकियों ने बताया कि पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी और आईएसआई पंजाब में टारगेट किलिंग को अंजाम दे रहे हैं। आईएसआई गैंगस्टर का इस्तेमाल कर रही है। ड्रग्स के पैसों का आतंकी साजिश में इस्तेमाल किया जा रहा है। ये बड़े हमले करने की फिराक में थे। इनके पास से ड्रग्स और हथियार बरामद हुए हैं। इन्होंने बलविंदर संधू की हत्या की बात कबूली है।
स्पेशल सेल के डीसीपी ने कहा, 'गैंगस्टर्स का इस्तेमाल टारगेट किलिंग के लिए किया जा रहा है। यह दो उद्देश्यों की पूर्ति करता है- सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करना और आतंकवाद के खिलाफ खड़े लोगों का मनोबल गिराना। पांच में से दो बलविंदर सिंह की हत्या में शामिल थे। इनके नाम एक गुरजीत सिंह भूरा और सुखदीप है।'
दिल्ली पुलिस ने कहा, 'आतंकियों के कब्जे से तीन पिस्टल, दो किलोग्राम हेरोइन और एक लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। इन दोनों के खाड़ी देश में रहने वाले सुखमीत नाम के व्यक्ति और कुछ अन्य गैंगस्टर से संबंध हैं। ये गैंगस्टर हैं और इनका पाकिस्तान स्थित आईएसआई के गुर्गों से भी संबंध है।'
These two have linkages to one Sukhmeet, who is Gulf-based, and some other gangsters. These are gangsters and have linkages to Pakistan based ISI operatives: DCP Special Cell Pramod Kushwaha
— ANI (@ANI) December 7, 2020
कुशवाहा ने कहा, 'गिरफ्तार किए गए तीनों कश्मीरियों को हिज्बुल मुजाहिदीन का ओवर ग्राउंड वर्कर कहा जा सकता है। इन्होंने पाकिस्तान और पीओके में उनके समकक्षों का सेटअप किया हुआ है। आईएसआई दो आंदोलनों के बीच एक गोंद के रूप में काम करना चाहती है और दो आतंकवादी निष्कर्षों (टेरर फाइंडिंग) को जोड़ने की कोशिश कर रही है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस मामले के 2 घटक हैं। एक घटक कश्मीर का है, दूसरा पंजाब के गैंगस्टर्स का है। पंजाब के गैंगस्टर टारगेट किलिंग में शामिल हैं और कश्मीर के घटक ड्रग्स में शामिल हैं। वे ड्रग्स बेचते हैं और इसके साथ आतंकी वित्तपोषण में लिप्त हैं।'
जब डीसीपी प्रमोद कुशवाहा से पूछा गया कि क्या इस मामले का दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है तो उन्होंने कहा कि इन पांचों आतंकियों का किसान आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।