सीरियल किलर गिरफ्तार: टैक्सी चालकों की करता था हत्या, पहाड़ों में फेंक देता शव; 25 साल बाद पकड़ा गया अजय लांबा
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक अपराधी अजय लांबा उर्फ बंसी को गिरफ्तार किया है, जो पिछले 25 वर्षों से फरार चल रहा था। वह दिल्ली के न्यू अशोक नगर थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में वांछित था।
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दिल्ली पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। आर के पुरम क्राइम ब्रांच टीम ने एक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है। इस सीरियल किलर का नाम अजय लांबा है, जो करीब 25 साल से फरार था। अजय टैक्सी चालकों को अपना शिकार बनाता था। ये टैक्सी बुक करने के बाद उसे उत्तराखंड ले जाता था और वहां जाकर चालक की हत्या के बाद उसके शव को पहाड़ियों से खाई में फेंक देता था। इसने अपने साथियों के साथ मिलकर चार टैक्सी चालकों की हत्या की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह पिछले कई वर्षों से एक्टिव था।
साल 2001 से सीरियल किलर्स का ये गैंग वारदातों को अंजाम दे रहा था। टैक्सी चालकों के गायब होने के दर्जनों मामले दिल्ली में दर्ज हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का दर्जनों टैक्सी चालकों के गायब होने में हाथ हो, इन्होंने उस चालकों की भी हत्या कर दी हो। जांच में सामने आया है कि ये लोग पहले दिल्ली से रेंट पर गाड़िया बुक करते थे, उसके बाद उसे उत्तराखंड ले जाते थे। उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश कर दिया जाता था।
उसके बाद चालक का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया जाता था। फिर शव को अल्मोड़ा, हल्द्वानी और उधमसिंह नगर जैसे इलाकों की गहरी खाइयों में फेंक दिया जाता था। जिससे कि चालक का शव किसी को बरामद न हो सके। उसके बाद ये लोग गाड़ी को ले जाकर नेपाल में बेच देते थे। मामले में चार चालकों की हत्या की पुष्टी हुई है। हालांकि, पुलिस ने केवल एक ही कैब ड्राइवर का शव बरामद किया था। तीन कैब ड्राइवर के शव तक नहीं मिले।
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छानबीन के दौरान टीम को पता चला है कि आरोपी बेहद कम उम्र में आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था। विकासपुरी पुलिस थाने की पुलिस ने उसे बंशी के नाम से बीसी घोषित कर दिया गया था। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर अजय लांबा रख दिया। इसके बाद वह यूपी के बरेली चला गया। वहां, धीरेंद्र, धीरज और दिलीप नेगी के साथ मिलकर उसने टैक्सी किराए पर लेकर चालकों की हत्या कर लूटे गए वाहनों को नेपाल में बेचना शुरू कर दिया। अजय लांबा 1999 से 2001 के बीच दिल्ली, हल्द्वानी, अल्मोड़ा और चंपावत में इसी तरह के चार मामलों में शामिल रहा। सभी मामलों में वह भगोड़ा घोषित था। उसके खिलाफ 1990 से लेकर अब तक चोरी से लेकर अवैध हथियार रखने तक के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।