आगजनी:फैक्टरी मालिक रिहान और मैनेजर फुरकान गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया मामला, छानबीन शुरू
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फिल्मीस्तान के नजदीक अनाज मंडी हादसे में 43 मौतों के बाद पुलिस ने देर शाम फैक्टरी के मालिक रिहान और मैनेजर फुरकान को गिरफ्तार कर लिया है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि हादसे के मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 (गैर इरातन हत्या) का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
रिहान के एक भाई को भी हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ जारी है। रिहान से पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने ऊपरी मंजिलों को कितने लोगों को किराए पर दिया हुआ था। पहचान होने के बाद उन लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
अनाज मंडी, रानी झांसी रोड पर रहने वाले अर्जुन कुमार ने बताया कि पहले पूरे इलाके में अनाज का कारोबार होता था। लेकिन समय के साथ चीजें बदलती चली गई। आज यहां पर बाल कटिंग करने वाले उपकरणों की सबसे बड़ी मार्केट बन गई है। पूरे भारत में सैलून के आधुनिक उपकरण कुर्सी व अन्य सामान लेने लोग यहां आते हैं।
हादसे वाले बिल्डिंग में चलता था दाल का कारोबार
जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ वहां पर पहले दाल का कारोबार होता था। 10-12 साल पूर्व रिहान के पिता मोहम्मद रहीम ने 600 गज के प्लॉट को खरीदकर वहां पर अपनी फैक्टरी लगाई थी। कई साल पहले उनकी मौत हो गई। मरने से पहले रहीम ने प्लॉट को तीन हिस्सों में अपने बेटों शान-ए-इलाही, रिहान और इमरान के बीच बांट दिया।
तीनों भाई रानी झांसी रोड पर ही चिमली वाली गली में रहते हैं। इन लोगों ने कुछ हिस्से को अपने पास रखकर वहां बैग बनाने, पेकिंग करने वाले लोगों को बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा किराए पर दे दिया। बड़े-बड़े हॉल में कारखाने वाले ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को रखकर काम करवाते थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी 600 गज की इस इमारत के तीन हिस्सों में 300 से 350 लोग मौजूद थे। आग लगने वाली इमारत में ही 100 से अधिक लोग थे। हादसे में 43 की मौत हो गई, जबकि 21 लोग जख्मी हो गए।