दिल्ली पुलिस में फेरबदल: एसीपी विवेक भगत का हुआ प्रमोशन, उपराज्यपाल ने सौंपा अतिरिक्त डीसीपी का प्रभार
दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को और सुचारू बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार मिलने से विभिन्न जिलों और यूनिट्स में कानून-व्यवस्था के नियंत्रण में और अधिक तेजी आएगी।
विस्तार
दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस में तैनात 12 सिलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पद का वर्तमान कार्यभार तत्काल प्रभाव से सौंप दिया है।
इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत जिन अधिकारियों को नया प्रभार सौंपा गया है, उनमें कनाट प्लेस के एसडीपीओ के रूप में तैनात विवेक भगत का नाम भी शामिल है।
दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली को और सुचारू बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार मिलने से विभिन्न जिलों और यूनिट्स में कानून-व्यवस्था के नियंत्रण में और अधिक तेजी आएगी।
अब प्रदर्शनकारियों से जेन-जी तरीके से ही निपटेगी पुलिस
जंतर-मंतर पर आए दिन हो रहे प्रदर्शनों से निपटने के लिए अब दिल्ली पुलिस ने नई रणनीति तैयार की है। पुलिस प्रदर्शनकारियों से जेन-जी तरीके से ही निपटेगी। दिल्ली पुलिस ने तेजतर्रार महिला अफसरों को बॉडी कैमरों के साथ प्रदर्शन पर उतारेगी।
महिला पुलिसकर्मियों को दिए जाएंगे बॉडी पर लगने वाले कैमरे
नई दिल्ली में विपक्षी दलों के मंगलवार को प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पुलिस मुख्यालय में एक विशेष बैठक बुलाई गई थी। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि अब दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर ज्यादा से ज्यादा महिला पुलिसकर्मी उतारेगी। साथ ही इन महिला पुलिसकर्मियों के अनुसार बॉडी पर लगने वाले कैमरे दिए जाएंगे। प्रदर्शन के दौरान ये कैमरें स्वत: ही रिकार्डिंग करते रहेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी एआई वीडियो के जरिए आईपीएस अधिकारी विवेक भगत पर छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि रविवार शाम को फैक्ट चैक में ये वीडियो फर्जी पाई गई। दिल्ली पुलिस ने रविवार रात को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर इसे फर्जी बता दिया।
15 जोन में बांटा गया लुटियन दिल्ली
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पूरी लुटियन दिल्ली को 15 जोन में बांटा गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हर गोलचक्कर पर एक डीसीपी स्तर का अधिकारी तैनात किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों को कानूनी कदम उठाने के लिए स्वतंत्र छोड़ दिया गया है।