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दिल्ली की जहरीली हवा से काली खांसी को रोक सकती है जूफा
Mon, 18 Nov 2019 09:21 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 18 Nov 2019 09:21 PM IST
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दिल्ली में वायु प्रदूषण (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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गैस चैंबर बन चुकी दिल्ली में लोगों को काली खांसी हो रही है। अस्पतालों में भी खांसी के साथ ही कफ, बुखार इत्यादि लक्षणों के साथ मरीज पहुंच रहे हैं। ऐसे में इन मरीजों को जूफा औषधि काफी कारगर साबित हो सकती है। आयुर्वेद में एंटीवायरल को लेकर ऐसी तमाम औषधियों का जिक्र है जिनके सेवन से व्यक्ति पूरे परिवार की प्रदूषण से रक्षा कर सकता है।
हिमाचल के लाहौल स्पीती पहाड़ी इलाके में मिलने वाली जूफा औषधि एंटीवायरल के रुप में काम करती है। डॉक्टरों की मानें तो जूफा के अलावा तुलसी, लौंग, वासा, पिपलि, गोजिहा, दालचीनी, कटेली, बहेडा, अंजीर, उनाब इत्यादि के मिश्रण का सेवन करने से खांसी और कफ से आराम मिल सकता है, जुफेक्स फोर्टे भी ले सकते है। इसमें ये सभी मिश्रण हैं, जिसका सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है।
प्रशांत विहार स्थित निगम के आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर बताते हैं कि जूफा, तुलसी, भृंगराज इत्यादि औषधि कफ को बाहर निकालने में मदद करती हैं। साथ ही इन औषधियों से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इस समय दिल्ली के प्रदूषण से लोग एलर्जी के शिकार हो रहे हैं। इसमें खांसी, कफ, बुखार, सिरदर्द इत्यादि लक्षण आते हैं।
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अगर जल्द ही इनका उपचार नहीं किया तो ये संक्रमण में तब्दील हो सकती हैं। इसके अलावा कई तह वाल साफ कपड़ा नाक पर बांधकर बहुत बारीक कणों को शरीर में पहुंचने से रोका जा सकता है। कई तह होने से 2.5 माइक्रोन से छोटे कण भी शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। जलनेति, स्वेदन, वाष्पीकरण के जरिए भी आराम हो सकता है।
दूध या चाय में हल्दी, तुलसी, अदरक, लोंग, काली मिर्च उबालकर पीने से गले की खराश ठीक हो जाएगी और प्रदूषित कण भी शरीर से बाहर निकल जाएंगे। दूध में खजूर, छोटी पीपल, काली मिर्च और सौंठ उबालकर पीने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ेगी जिससे प्रदूषण जन्य रोगों से बचाव हो सकेगा।
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हिमाचल के लाहौल स्पीती पहाड़ी इलाके में मिलने वाली जूफा औषधि एंटीवायरल के रुप में काम करती है। डॉक्टरों की मानें तो जूफा के अलावा तुलसी, लौंग, वासा, पिपलि, गोजिहा, दालचीनी, कटेली, बहेडा, अंजीर, उनाब इत्यादि के मिश्रण का सेवन करने से खांसी और कफ से आराम मिल सकता है, जुफेक्स फोर्टे भी ले सकते है। इसमें ये सभी मिश्रण हैं, जिसका सेवन गुनगुने पानी के साथ किया जा सकता है।
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प्रशांत विहार स्थित निगम के आयुर्वेद अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी पाराशर बताते हैं कि जूफा, तुलसी, भृंगराज इत्यादि औषधि कफ को बाहर निकालने में मदद करती हैं। साथ ही इन औषधियों से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है। इस समय दिल्ली के प्रदूषण से लोग एलर्जी के शिकार हो रहे हैं। इसमें खांसी, कफ, बुखार, सिरदर्द इत्यादि लक्षण आते हैं।
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अगर जल्द ही इनका उपचार नहीं किया तो ये संक्रमण में तब्दील हो सकती हैं। इसके अलावा कई तह वाल साफ कपड़ा नाक पर बांधकर बहुत बारीक कणों को शरीर में पहुंचने से रोका जा सकता है। कई तह होने से 2.5 माइक्रोन से छोटे कण भी शरीर में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। जलनेति, स्वेदन, वाष्पीकरण के जरिए भी आराम हो सकता है।
दूध या चाय में हल्दी, तुलसी, अदरक, लोंग, काली मिर्च उबालकर पीने से गले की खराश ठीक हो जाएगी और प्रदूषित कण भी शरीर से बाहर निकल जाएंगे। दूध में खजूर, छोटी पीपल, काली मिर्च और सौंठ उबालकर पीने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ेगी जिससे प्रदूषण जन्य रोगों से बचाव हो सकेगा।