फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi Nursery admissions starts from today

नर्सरी एडमिशन के लिए बस 5 दिन

Fri, 04 Apr 2014 12:24 PM IST
Updated Fri, 04 Apr 2014 12:24 PM IST
विज्ञापन
Delhi Nursery admissions starts from today

लंबे समय से चल रहे नर्सरी एडमिशन विवाद पर पहले से ही लोगों के जेहन में कई उलझनें बनी हुई हैं। ऐसे में दिल्ली हाईकोर्ट ने एडमिशन के लि बस पांच दिन देकर लोगों की हड़बड़ी और बढ़ा दी है।

विज्ञापन


ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप हाईकोर्ट के फैसले को पूरी तरह से जान लें। तभी अपने बच्चे के एडमिशन के लिए जाएं। नहीं आपकी एक चूक आपके बच्चे को एडमिशन से दूर कर सकती है।
विज्ञापन


कोर्ट ने एडमिशन से संबंधित कुछ बहुत अहम फैसले दिए दिए हैं, जिनके अनुसार 9 अप्रैल तक नर्सरी एडमिशन प्रॉसेस पूरे हो जाने चाहिए। साथ ही 16 अप्रैल को अभी एक एक और अहम सुनवाई होनी बाकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसमें न फंसे

Delhi Nursery admissions starts from today

हाईकोर्ट ने 18 दिसंबर की अधिसूचना के तहत ड्रॉ में नर्सरी में दाखिला पाने वाले बच्चों को राहत प्रदान कर दी है।

अदालत ने स्पष्ट किया कि दाखिले के लिए आवेदन करने वाले बच्चों का ड्रॉ में एक से ज्यादा स्कूलों में नंबर आया है तो उन्हें 9 अप्रैल तक एक स्कूल का चयन कर दाखिला लेना होगा और दूसरे स्कूलों की सीटें छोड़नी होंगी।

अदालत ने नए सिरे से ड्रॉ संबंधी फैसले को रद्द कर दिया। कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ ने शिक्षा निदेशालय, अभिभावकों व स्कूलों का पक्ष सुनने के बाद अपना फैसला दिया।

ये रहेगा प्वाइंट सिस्टम का गणित

Delhi Nursery admissions starts from today

अदालत ने स्पष्ट किया कि ये दाखिले वर्तमान में 95 प्वांइट के आधार पर होंगे जिसके तहत 70 अंक नेबरहुड, 20 अंक सिब्लिंग व 5 अंक एल्युमिनाई श्रेणी के होंगे।

अदालत ने शिक्षा निदेशालय को निर्देश दिया कि बृहस्पतिवार के आदेश के बाद हुए दाखिलों व स्कूलों में रिक्त सीटों संबंधी पूरी रिपोर्ट दाखिल करें।

अदालत ने सभी स्कूलों को भी रिक्त सीटों की जानकारी निदेशालय को देने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि स्कूल अगले आदेश तक दाखिलों के लिए नया ड्रॉ नहीं निकालेंगे।

अभी इतनी सीटें हैं खाली

Delhi Nursery admissions starts from today

नर्सरी दाखिला मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेशक अभिभावक और स्कूल एसोसिएशन दुविधा में हों, लेकिन देर शाम शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों में खाली सीटों का ब्योरा जारी करते हुए उन अभिभावकों को राहत दे दी है, जिनके बच्चों का अभी तक दाखिला नहीं हो पाया है।

शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक 723 स्कूलों में 8120 सीटें खाली हैं, जबकि केजी और पहली कक्षा समेत इन सीटों की संख्या 22537 है।

निदेशालय ने इन सीटों के आवेदनों के बारे में बताया है कि कुल सीटों की संख्या 60,030 हैं और इन पर दाखिले के लिए 3,13,371 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से दो लाख 82,730 आवेदन नर्सरी, नौ हजार पहली कक्षा और 20,750 केजी के लिए आए हैं।

ये किए, तो नहीं होगा एडमिशन

Delhi Nursery admissions starts from today

अदालत ने अभिभावकों को निर्देश दिया कि जिनके बच्चों का एक से ज्यादा स्कूलों में नाम आया है वे एक स्कूल का चयन कर 9 अप्रैल तक दाखिला लेकर अन्य स्कूलों में सीट रिक्त कर दें।

अदालत ने कहा यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके बच्चे पुन: इस ड्रॉ के आधार पर दाखिले का दावा नहीं कर पाएंगे।

अदालत ने स्कूलों को भी निर्देश दिया कि वे दाखिलों में उन बच्चों के नाम पर विचार नहीं करेंगे जिनका ड्रॉ स्थानांतरित श्रेणी में निकला है।

एक अहम सुनवाई अभी है बाकी

Delhi Nursery admissions starts from today

इतना ही नहीं खाली सीटों व स्थानांतरित श्रेणी के मामले पर 16 अप्रैल को सुनवाई होगी। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि दाखिलों में स्थानांतरित श्रेणी के बच्चों को शामिल नहीं किया जाएगा, भले ही उनका नाम ड्रॉ में निकला हो।

अदालत ने कहा कि स्थानांतरित श्रेणी के अलावा, वेटिंग लिस्ट या बिना चयनित बच्चों के दाखिले के मुद्दे पर 16 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी। अगर किसी बच्चे ने एक स्कूल में दाखिला नहीं लिया तो वह दाखिले के अधिकार का दावा नहीं कर सकता।

खंडपीठ ने 12 मार्च को सिंगल जज के 6 मार्च को दिए उस फैसले पर रोक लगा दी थी, जिसमें दाखिलों के लिए नए सिरे से ड्रा निकालने का आदेश दिया गया था।

इनको मिलेगा आरक्षण का लाभ

Delhi Nursery admissions starts from today

हाईकोर्ट ने कहा है कि नर्सरी दाखिलों के लिए निर्धारित प्वाइंट सिस्टम अशक्त बच्चों के दाखिलों और अधिकारों को प्रभावित नहीं करेगा। यही नहीं, स्कूल के आसपास रहने वाले बच्चों के दाखिले के लिए बनाया गया क्राइटेरिया भी इन बच्चों पर लागू नहीं होगा।

अदालत ने सरकार को इन बच्चों के दाखिलों के लिए ठोस नियम तय करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एस रविंद्र भट्ट व आरवी इश्वर की खंडपीठ ने यह फैसला अशक्त श्रेणी के बच्चों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षित श्रेणी को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में शामिल करने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया।

अदालत ने कहा कि अशक्त श्रेणी के बच्चों को उनके कानूनी अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। इन बच्चों के लिए नर्सरी, प्री-नर्सरी व अन्य कक्षाओं में सीटें आरक्षित रखना जरूरी है।

परेशानी हो तो यहां जाएं

Delhi Nursery admissions starts from today

खंडपीठ ने अपने फैसले में दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि शिक्षा निदेशालय के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया जाए। यह कमेटी सभी सरकारी व प्राइवेट शिक्षा संस्थानों में अशक्त बच्चों के दाखिले सुनिश्चित करने के लिए उनकी सूची बनाए।

अगर किसी बच्चे को आरक्षण संबंधी कोई परेशानी हो रही है, तो वह इस कमेटी के जरिए हल ढूढ सकता है। दरअसल, जो कमेटी जो संस्थान बनाएगी उनमें अशक्त की प्रकृति, उसका पूरा विवरण और संस्थान में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

अदालत ने याची के अधिवक्ता द्वारा इस अहम मुद्दे को उठाने पर उनकी सराहना भी की। यह जनहित याचिका प्रमोद अरोड़ा नामक व्यक्ति ने दायर की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed