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Delhi: अब राजधानी में नए वाहनों पर ले सकते हैं पुराना नंबर, आपको करना पड़ेगा यह काम

Wed, 26 Jun 2024 06:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 26 Jun 2024 06:18 AM IST
सार

जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करके आप नई गाड़ी के लिए पुराना नंबर ले सकते हैं। इसके लिए आपको तयशुदा शुल्क और स्क्रैप का प्रमाण पत्र भर देना पड़ेगा। 

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Delhi: Now take old number on new vehicles
demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर आपकी गाड़ी मियाद पूरी होने से स्क्रैप होने जा रही है और आपको अपने पुराने नंबर से लगाव है तो परिवहन विभाग इसका मौका दे रहा है। जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करके आप नई गाड़ी के लिए पुराना नंबर ले सकते हैं। इसके लिए आपको तयशुदा शुल्क और स्क्रैप का प्रमाण पत्र भर देना पड़ेगा। 

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परिवहन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि स्क्रैप पॉलिसी के तहत इस तरह का प्रावधान किया गया है। इससे लोग वैध तरीके से पुराने नंबर का इस्तेमाल कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, पुराने वाहन का नंबर वीआईपी या फैंसी नंबर की लिस्ट में होने की सूरत में आवेदक को इसके बेस प्राइज का 10 फीसदी या 25 हजार रुपये का शुल्क जमा करना होगा। रकम इससे तय होगा कि कौन सी राशि ज्यादा है। 
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अगर बेस प्राइज 25 हजार से ऊपर बैठता है तो वह और अगर इससे नीचे बैठता है तो 25 हजार रुपये परिवहन विभाग का जमा करना पड़ेगा। इन नंबरों का बेस प्राइस डेढ़ लाख से पांच लाख रुपये। वहीं, साधारण नंबर के लिए 25 हजार का शुल्क तय है।
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1.50 लाख रुपये के बेस प्राइस नंबर
0100, 0111, 0200, 0222, 0300, 0400, 0444, 0500, 0555, 0600, 0666, 0700, 0777, 0800, 0888, 0900, 0999, 2000, 2222, 3000, 0333, 4000, 4444, 5000, 5555, 6000, 6666, 7000, 8000, 8888, 9000, 0101, 0108, 1008 और 1313 नंबर हैं। इनका बेस प्राइस 1.50 लाख रुपये है। दो पहिया वाहनों के लिए इन नंबरों का बेस प्राइस 15 हजार रुपये है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना पड़ना पड़ेगा। एक नंबर के लिए एक से अधिक लोग आवेदन आवेदन आने पर बोली लगती है। अधिक पैसा देने वाले को नंबर आवंटित किया जाता है। 

55 लाख वाहनों का पंजीकरण रद्द 
अधिकारियों का कहना है कि सरकार पुराने वाहनों को सड़क से हटाने पर सख्त है। इसके लिए जरूरी कार्रवाई की जा रही है। अभी तक उम्र पूरी कर चुके 55 लाख से अधिक वाहनों का पंजीकरण रद्द किया गया है। इनमें कई वाहन मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने अपने पुराने वाहन का नंबर नए वाहन में लगाने के लिए आवेदन दिया है।

वाहन स्क्रैप करवाना जरूरी
स्क्रैप पॉलिसी के तहत डीजल से चलने वाले वाहन 10 साल और पेट्रोल वाहन की 15 साल की मियाद पूरी होने पर परिवहन विभाग उनका पंजीकरण रद्द कर देता है। इसके बाद वाहन को स्क्रैप कराना होगा। इसके लिए विभाग ने वेंडर तय किए हैं। स्क्रैप करने वाला वाहन मालिक को स्क्रैप का प्रमाणपत्र देता है। इसी के सहारे परिवहन विभाग दोबारा से पुराना नंबर आबंटित करता है।

एक बार जब्त होने पर वाहन नहीं होगा स्क्रैप
10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों के स्क्रैपिंग नीति को लेकर जारी दिशा-निर्देश में कहा है कि अगर कोई व्यक्ति अपने पास वाहन रखना चाहता है और उस वाहन को सार्वजनिक जगह से जब्त कर लिया जाता है तो इसे छुड़ाने के लिए शपथ पत्र देना होगा कि गाड़ी अब सड़क पर नहीं उतरेगी। ऐसे लोगों को निजी पार्किंग प्रूफ दिखाना होगा। 

  • इसके अलावा आरडब्ल्यूए से अथॉरिटी लेटर लेकर देना होगा। वाहन की आरसी भी जमा करनी होगी। साथ ही, चार पहिया वाहन पर 10 हजार और दोपहिया पर 5 हजार रुपये के जुर्माने के साथ टो चार्ज भी देना होगा।

ये हैं दिल्ली के महंगे नंबर
नंबर                                                                  कार                      बाइक

0001                                                               5 लाख                   50 हजार
0002 से 0009                                                  3 लाख                    30 हजार
0010 से 0099                                                  2 लाख                    20 हजार
0786, 1000, 1111, 7777, 9999                        2 लाख                    20 हजार

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