{"_id":"6531c31566341a682707b924","slug":"delhi-now-359-types-of-medicines-will-be-available-free-in-aiims-2023-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : अब एम्स में 359 तरह की दवाएं मिलेंगी मुफ्त, जेनेरिक फार्मेसी की सूची में विस्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : अब एम्स में 359 तरह की दवाएं मिलेंगी मुफ्त, जेनेरिक फार्मेसी की सूची में विस्तार
Fri, 20 Oct 2023 05:30 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 20 Oct 2023 05:30 AM IST
सार
ऐसे मरीजों की दवाओं की कमी को देखते हुए मौजूदा सूची में 63 दवाएं जोड़ी गईं हैं। एम्स की फार्मेसी में उपलब्ध दवाओं की सूची अभी तक 296 थी, जो नए फैसले के बाद बढ़कर 359 हो गई हैं।
विज्ञापन
एम्स दिल्ली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एम्स ने उपचार करवाने आ रहे कैंसर, मधुमेह, गठिया और सोरायसिस सहित अन्य मरीजों को बड़ी राहत दी है। ऐसे मरीजों की दवाओं की कमी को देखते हुए मौजूदा सूची में 63 दवाएं जोड़ी गईं हैं। एम्स की फार्मेसी में उपलब्ध दवाओं की सूची अभी तक 296 थी, जो नए फैसले के बाद बढ़कर 359 हो गई हैं।
विज्ञापन
एम्स प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक जेनेरिक फार्मेसी की सूची में विस्तार किया गया है। इस फैसले को लेकर एम्स निदेशक डॉ. (प्रो.) एम श्रीनिवास ने कहा कि इस निर्णय के बाद उपचार करवाने आ रहे हजारों गरीब मरीजों को राहत मिलेगी। एम्स के सक्षम प्राधिकारी ने फार्मेसी में उपलब्ध दवाओं की सूची को मौजूदा 296 दवाओं से बढ़ाकर 359 करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
मौजूदा सूची में 63 दवाएं जोड़ी गईं। इसमें पाल्बोसिक्लिब, डासैटिनिब, मेथोट्रेक्सेट, ट्राइमाज़ेट, मैगेस्टेरोल एसीटेट, ल्यूकोवोरिन सहित अन्य दवाओं के नाम शामिल हैं जो कैंसर सहित अन्य रोग में काम आते हैं।
विज्ञापन
इसके अलावा मधुमेह के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य दवाएं भी शामिल हैं। इसमें नियमित इंसुलिन, एनपीएच इंसुलिन, इंसुलिन प्रीमिक्स 30/70 भी मुफ्त दवाओं की सूची में शामिल हैं। वहीं, इस बारे में एम्स की मीडिया प्रभारी डॉ. रीमा दादा ने कहा कि फार्मेसी उन गरीब मरीजों के लिए आशा की किरण है जो आर्थिक कारणों से दवाएं नहीं ले पाते।
कुछ दवाओं की सूची
1. टैब. टैमोक्सीफेन 20 एमजी
2. टैब. एनास्ट्राजोल 10 एमजी
3. टैब. पाल्बोसिक्लिब 125 एमजी
4. टैब. पाल्बोसिक्लिब 100 एमजी
5. टैब. पाल्बोसिक्लिब 75 एमजी
6. टैब. गेफ्टिनिब 250 एमजी
7. टैब. एर्लोटिनिब 150 एमजी
8. टैब. एरीओटिनिब 100 एमजी
9. टैब इमैटिनिब 400 एमजी
10. टैब इमैटिनिब 100 एमजी
11. टैब डासैटिनिब 50 एमजी
12. टैब डेसैटिनिब 20 एमजी
13. टैब मेथोट्रेक्सेट 2.5 एमजी
14. टैब मेथोट्रेक्सेट 7.5 एमजी
15. टैब मेथोट्रेक्सेट 15 एमजी
16. टैब 6-मर्कैप्टोप्यूरिन 50 एमजी
17. टैब प्रेडनिसोलोन 10 एमजी
18. टैब प्रेडनिसोलोन 20 एमजी
19. टैब प्रेडनिसोलोन 40 एमजी
20. टैब डेक्सामेथासोन 0.5 एमजी
21. टैब डेक्सामेथासोन 4एमजी
22. टैब थैलिडोमाइड 50 एमजी
23. टैब थैलिडोमाइड 100 एमजी
24. टैब लेनिलेडोमाइड 10 एमजी
25. टैब लेनिलेडोमाइड 15 एमजी
26. टैब लेनिलेडोमाइड 25 एमजी
27. टैब पोमैलिडोमाइड 2एमजी
28. टैब पोमैलिडोमाइड 4एमजी
29. इंज. मेल्फालान 2 एमजी
30. इंज. साइक्लोफॉस्फ़ामाइड 5Oएमजी
31. इंज. एटोपोसाइड 50 एमजी
32. टैब पाजोपानिब 200 एमजी
33. टैब पाजोपानिब 400 एमजी
34. टैब सोराफेनीब 20Oएमजी
35. टैब एबरटेरोन 250 एमजी
36. टैब एबरटेरोन 500 एमजी
37. टैब कैपेसिटाबाइन 500 एमजी
38. टैब टेमोज़ोलैमाइड 20 एमजी
39. टैब टेमोज़ोलैमाइड 100 एमजी
40. टैब काबोज़ान्टिनिब 60 एमजी
41. टैब काबोज़ान्टिनिब 40 एमजी
42. टैब कैबोज़ैन्टिनिब 20 एमजी
43. टैब ल्यूकोवोरिन 10 एमजी
44. टैब ल्यूकोवोरिन 15 एमजी
एम्स में एक मरीज के साथ एक तीमारदार
एम्स में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की भीड़ को कम करने के लिए प्रशासन ने एक मरीज एक तीमारदार का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत एम्स के ओपीडी, लैब, वार्ड सहित अन्य जगहों पर एक मरीज के साथ एक तीमारदार रहेगा। हालांकि दिव्यांग, बुजुर्ग व बच्चों को इस नियम से छूट दी गई है। वहीं, वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलने के लिए शाम चार बजे से छह बजे तक ही आ सकते हैं। इसे लेकर एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजीव लालवानी ने आदेश जारी किया है।
- आदेश में कहा गया है कि एम्स में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की संख्या काफी है। इन तीमारदारों के कारण एम्स में अकारण भीड़ होती है। इसे कम करने के लिए एक मरीज एक तीमारदार का फैसला लिया गया है। बता दें कि एम्स के वार्ड व अन्य जगहों पर करीब तीन हजार मरीज भर्ती रहते हैं। इसके अलावा हर दिन ओपीडी में करीब दस हजार मरीज भर्ती होते हैं। इन मरीजों के साथ अक्सर तीन से चार तीमारदार साथ आते हैं। यहीं कारण है कि एम्स में हर दिन औसतन 50 से 60 हजार लोग रहते हैं, इसे देखते हुए तीमारदारों की संख्या को सीमित करने का फैसला लिया गया है।