जीटीबी अस्पताल में मुठभेड़ का मामला : डीयू का होनहार छात्र बन गया इनामी बदमाश
- वर्ष 2012 में डीयू के किरोड़ीमल कॉलेज से किया बॉटनी ऑनर्स
- 2013 में पहली बार हुआ छोटा-मोटा झगड़ा
- 2014 में हत्या के प्रयास के मामले में भगोड़ा घोषित और 25 हजार का इनाम
- इसके बाद बढ़ता गया रुतबा
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दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज का एक होनहार छात्र कैसे दिल्ली का टॉप मोस्ट बदमाश बन गया। वर्ष 2013 में कुलदीप मान उर्फ फज्जा का मामूली झगड़ा हुआ जिसके बाद वह गलत संगत की ओर बढ़ गया। इसके बाद तो कुलदीप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कुछ समय बाद वह वह जितेंद्र उर्फ गोगी का दाहिना हाथ बन गया।
चंद ही सालों में फज्जा ने अपराध की दुनिया में ऐसा नाम कमाया कि कई राज्यों में उसके नाम की दहशत फैल गई। हर्षिता दहिया की हत्या के बाद स्पेशल सेल ने भी कुलदीप मान, जितेंद्र उर्फ गोगी और रोहित मोई पर मकोका लगा दिया। इनकी गिरफ्तारी पर कई-कई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया। कुलदीप इसके बाद भी नहीं रुका। वह दर्जनों वारदातों में शामिल रहा।
पुलिस के वरिठ अधिकारी ने बताया कि कुलदीप मान का परिवार नरेला के नया बांस इलाके में रहता है। इसके परिवार में पिता व एक छोटा भाई है। तीन मार्च 2020 को जब स्पेशल सेल ने कुलदीप और जितेंद्र गोगी व रोहित मोई को गिरफ्तार किया था तब पिछले चार सालों से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। जितेंद्र और अपने पूरे गैंग के लिए फज्जा और मोई ढाल थे। दोनों ही टेक्नीकल सर्विलांस के मास्टर थे। यही वजह थी कि कोई इनकी लोकेशन कभी नहीं ट्रेस कर पाता था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जितेंद्र गोगी की टिल्लू गैंग से गैंगवार चल रही है। इसी कड़ी में जून 2018 में जितेंद्र व कुलदीप व अन्यों ने अलीपुर के ताजपुर गांव में चार लोगों की हत्या कर दी थी। इसमें दो राहगीर भी मारे गए थे। इससे पूर्व दिनेश कराला के कहने पर उसकी साली व हरियाणवी सिंगर हर्षिता दहिया की गोलियां बरसां कर हत्या कर चुके थे।
19 फरवरी 2020 को गैंग ने आई-20 कार में सवार पवन अंचल ठाकुर पर 48 गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी थी। पवन को इसमें 28 गोलियां लगी थी। इस वारदात के बाद ही दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चारों आरोपियों को गुरुग्राम की पॉश सोसायटी से गिरफ्तार किया था। तभी से सभी आरोपी जेल में बंद थे। अब कुलदीप मान के फरार होने के बाद दिल्ली पुलिस के होश उड़ गए हैं। पुलिस आशंका जता रही है कि कुलदीप जेल से पेशी के दौरान अपने बाकी साथियों को भी छुड़ाने की कोशिश कर सकता है।
मंडोली जेल से ही रची गई कुलदीप मान को भगाने की साजिश...
जीटीबी अस्पताल में बृहस्पतिवार दोपहर को जो कुछ हुआ उसने दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी की पोल खोलकर रख दी है। दिन दहाड़े बदमाश दिल्ली के टॉप मोस्ट गैंगस्टर कुलदीप को भगाकर ले गए। जिस प्रकार फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, उसे देखकर आशंका व्यक्त की जा रही है कि पहले से योजना बनाकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।
बदमाशों को कुलदीप के आने से पहले ही सूचना थी कि वह बृहस्पतिवार को इलाज के लिए अस्पताल आएगा। बकायदा घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया गया। माना जा रहा है कि जेल से मोबाइल पर कुलदीप ने अपने गैंग के सदस्यों को पहले ही अपने आने के बारे में बता दिया था।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस बात की पूरी संभावना है कि कुलदीप मान बहाना बनाकर अस्पताल आया था। जेल से निकलने की सूचना कुलदीप ने अपने गैंग को दे दी। इसके बाद बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आशंका जता रही है कि जेल में मोबाइल का इस्तेमाल कर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। सूत्रों का कहना है कि कुलदीप के साथियों से भी जेल में पूछताछ की जा सकती है।
मंडोली जेल में पहले भी पुलिस ने छापेमारी कर कई फोन बरामद किए थे। वहीं पिछले दिनों फौजी नामक बदमाश ने वीडियो कॉल कर जेल से कारोबारी से रंगदारी मांगी थी। इसी तरह शाहदरा के कारोबारी से भी रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस ने दोनों मामलों में गिरफ्तारी कर ली थी।