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दिल्ली-एनसीआर की सेहत में सुधार, बदलेगा हवाओं का रुख, बारिश के आसार
Thu, 07 Nov 2019 03:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 07 Nov 2019 03:49 AM IST
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सम- विषम फार्मूले पर चल रही दिल्ली में प्रदूषण खिली धूप और तेज हवाओं के कारण 72 घंटे में तकरीबन छंट गया है। दो दिन पहले खतरनाक स्तर पर जा चुकी हवा की गुणवत्ता बुधवार को औसत से खराब स्तर पर पहुंच गई।
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इस बीच प्रदूषण मीटर में तकरीबन 200 अंक का सुधार आया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन में 30-35 किमी प्रति घंटे की चाल से हवाएं चलेंगी। साथ ही बारिश होने की भी संभावना है। इससे वायु प्रदूषण औसत से संतोषजनक स्तर के बीच आ सकता है।
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उधर, सफर का कहना है कि पंजाब व हरियाणा में इस सीजन की सबसे ज्यादा पराली जलने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार आया है। बीते 24 घंटों में पराली जलाने के लिए 5300 मामले दर्ज किए गए हैं।
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बृहस्पतिवार को हवा की दिशा भी बदल जाएगी। वहीं, बारिश का भी पूर्वानुमान है। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 2-3 फीसदी के बीच रहा जाएगा। हालांकि, शुक्रवार देर रात एक बार फिर हवा हरियाणा की तरफ से चलने का अनुमान है। लेकिन इसकी तेज चाल से वायु प्रदूषण के स्तर में बहुत फेरबदल नहीं होगा।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को एनसीआर के शहरों में सबसे बेहतर हवा गुरुग्राम की रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 168 रिकार्ड किया गया। दूसरी ओर दिल्ली का सूचकांक 214, फरीदाबाद का 205, गाजियाबाद का 294, ग्रेटर नोएडा का 247 व नोएडा का 237 पर आ गया है। जबकि रविवार को सभी शहरों की हवा 400 के प्रदूषण मीटर का पार करती हुए खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी।
सफर ने जारी किया हवा में मौजूद धूल के कणों की मात्रा
हवा की मौजूद धूल के महीन कणों पीएम 2.5 व पीएम10 की अनुपात एक-दूसरे पर निर्भर करता है। जिस अनुपात में पीएम2.5 की मात्रा हवा में बढ़ती है, उसी अनुपात में पीएम10 की मात्रा घट जाती है। बुधवार को सफर ने दिल्ली की हवा में मौजूद धूल के कणों की मात्रा जारी किया है।
इस बीच धूल के कणों का स्तर सिर्फ 13 दिन पीएम 2.5 का स्तर मानक 50 से कम रहा। जबकि 24 दिन इसकी मात्रा ज्यादा थी। इसमें से करीब दस दिन पीएम 2.5 70-80 फीसदी तक रहा।
सफर का कहना है कि जब-जब पराली की धुएं की मात्रा बढ़ी है, तब-तब पीएम 2.5 का स्तर हवा में बढ़ा। जबकि एक दिन पीएम 2.5 हल्की बारिश से ज्यादा हो गया। इसके अलावा डीजल व पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों ने भी इसकी मात्रा बढ़ाई है।
दोपहर बाद पीएम 2.5 का स्तर 39 व पीएम10 का स्तर 96 रह गया है। मैं खुश हूं कि प्रदूषण का स्तर तेजी से कम हो रहा है। हमें अपनी कोशिश जारी रखनी है ताकि दिल्ली दोबारा गैस का चैंबर न बने। उन सभी लोगों को धन्यवाद, जिन्होंने इस कोशिश को कामयाब बनाने में योगदान दिया।
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली
इस बीच धूल के कणों का स्तर सिर्फ 13 दिन पीएम 2.5 का स्तर मानक 50 से कम रहा। जबकि 24 दिन इसकी मात्रा ज्यादा थी। इसमें से करीब दस दिन पीएम 2.5 70-80 फीसदी तक रहा।
सफर का कहना है कि जब-जब पराली की धुएं की मात्रा बढ़ी है, तब-तब पीएम 2.5 का स्तर हवा में बढ़ा। जबकि एक दिन पीएम 2.5 हल्की बारिश से ज्यादा हो गया। इसके अलावा डीजल व पेट्रोल जैसे जीवाश्म ईंधन से चलने वाले वाहनों ने भी इसकी मात्रा बढ़ाई है।
दोपहर बाद पीएम 2.5 का स्तर 39 व पीएम10 का स्तर 96 रह गया है। मैं खुश हूं कि प्रदूषण का स्तर तेजी से कम हो रहा है। हमें अपनी कोशिश जारी रखनी है ताकि दिल्ली दोबारा गैस का चैंबर न बने। उन सभी लोगों को धन्यवाद, जिन्होंने इस कोशिश को कामयाब बनाने में योगदान दिया।
अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली