भयावह स्तर पर पहुंचा दिल्ली-NCR में प्रदूषण, इसके आधे पर ही चीन ने जारी कर दिया था रेड अलर्ट
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दिवाली के दो दिन बाद बुधवार की सुबह दिल्ली के लिए धुंध और कोहरा लेकर आई। राजधानी में प्रदूषण इतना बढ़ गया है कि विजिबिलिटी(दृश्यता) बहुत कम हो गई है। पीएम 10 का लेवल अपने अधिकतम स्तर 999 पर पहुंच गया है। बता दें कि प्रदूषण का जो स्तर हमारे लिए सुरक्षित माना जाता है यह उसका करीब 10 गुना है।
वहीं दूसरी तरफ एयर क्वालिटी इंडेक्स के हिसाब से पीएम 2.5 अपने अधिकतम स्तर 743 तक पहुंच गया। दिल्ली जिसे विश्व के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक का दर्जा मिला है दिवाली से एक हफ्ते पहले ही प्रदूषण के मामले सबसे भयावह स्थिति में पहुंच चुका था और दिवाली वाले दिन तो यह अपने चरम पर था।
आनंद विहार, पंजाबी बाग और आरके पुरम में पीएम 10 का लेवल 999 तक पहुंच गया था। हालांकि मंगलवार को प्रदूषण के स्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी लेकिन बुधवार की सुबह यह अप्रत्याशित रूप से दोबारा बढ़ गया।
बता दें कि पीएम 2.5 में छोटे-छोटे कण होते हैं। यह गाडि़यों, लकड़ी के जलने और निर्माण सामग्री से निकलता है। इनसे सीधे फेंफड़ों को नुकसान पहुंचता है। साथ ही काली धुंध छा जाती है।
कई फ्लाइटें भी हुईं डायवर्ट
#FLASH Indigo flight 6E-641 (Bangalore - Jaipur) diverted to Delhi due to low visibility at Jaipur airport (Rajasthan).
— ANI (@ANI_news) November 2, 2016
चीन ने 300 पहुंचने पर ही जारी कर दिया था रेड अलर्ट
आपको बता दें कि पिछले साल दिसंबर में चीन ने बीजिंग में पीएम 2.5 का लेवल 300 के करीब जाने पर अलर्ट जारी कर दिया था। इसके तहत स्कूलों को बंद कर दिया गया और बाहरी निर्माण को भी रोक दिया गया था। साथ ही सड़कों पर गाडि़यों की संख्या भी सीमित कर दी गई थी।
नए सिरे से शुरु की तैयारी
राजधानी की आबोहवा के लिए खतरा बने धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने नए सिरे से काम करना शुरू किया है। सड़कों की मैकेनिकल सफाई के साथ पानी का छिड़काव भी होगा।
वहीं, चौराहों पर हवा को साफ करने वाले फव्वारे (मिस्ट फाउंटेन) लगाए जाएंगे। सोमवार को यह फैसला उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। इसमें पर्यावरण प्रदूषण से जुड़े सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
मनीष सिसोदिया ने पत्रकारों को बताया कि पिछले साल की तरह इस बार भी सड़कों की सफाई वैक्यूम क्लीनर से होगी। जिसे मानसून के दौरान बंद कर दिया गया था। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधीन सड़कों पर सप्ताह में एक दिन पानी का छिड़काव होगा।
दिल्ली की आबोहवा साफ रखने की कवायद
दूसरी तरफ भारी प्रदूषण वाले दिल्ली के चौराहों पर मिस्ट फाउंटेन लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत मुकरबा चौक, आनंद विहार समेत पांच बड़े चौराहों से होगी। पीडब्ल्यूडी इनकी पहचान करेगा। बड़े निर्माण स्थलों पर निगरानी बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर इस काम में आम लोगों को जोड़ा जाएगा। पर्यावरण विभाग स्थानीय लोगों को मानकों की जानकारी देने के साथ एक ऐप के जरिए शिकायतें भी मंगाएगा।
लैंडफिल साइट पर भी रहेगी नजर
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि भलस्वा, ओखला और गाजीपुर की लैंडफिल साइट पर मिथेन को नियंत्रित किया जाएगा। जिससे जगह-जगह आग न लगने पाए। इसकी जगह मिथेन को एक जगह पर नियंत्रित तरीके से जलाया जाएगा। इससे प्रदूषण कम होगा।
बार्डर एरिया के ऑटो पर लगे लगाम
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के साथ चार नवंबर को होने वाली बैठक में इस मसले का उठाया जाएगा कि बॉर्डर पर खड़े ऑटो पर लगाम लगे। उन्होंने बताया कि अमूमन देखा जाता है कि बड़ी संख्या में चालक ऑटो को चालू करके सवारियों का इंतजार करते हैं। इससे प्रदूषण फैलता है।