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दिल्ली-एनसीआरः इस बार सर्दियों में रहा गंभीर प्रदूषण, गाजियाबाद के हालात रहे सबसे खराब
Thu, 04 Mar 2021 05:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 04 Mar 2021 05:08 AM IST
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पिछले साल की तुलना में दिल्ली-एनसीआर में इस बार सर्दियों के मौसम में प्रदूषण गंभीर स्तर पर रहा। अनलॉक की शुरुआत होने पर मिली रियायतों से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में गाजियाबाद में प्रदूषण का स्तर सर्वाधिक दर्ज किया गया। राजधानी में उत्तरी दिल्ली सर्वाधिक प्रदूषित रही, हालांकि हॉटस्पॉट (जहांगरपुरी) में पीएम-2.5 का स्तर पर पिछले वर्ष की तुलना में कम रिकॉर्ड किया गया। धुंध भी इस सर्दी में पिछले वर्ष के लिहाज से कम दिनों के लिए रही।
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सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट(सीएसई)के अध्ययन में किए गए विश्लेषण पर कहा गया है कि 15 अक्तूबर से एक फरवरी के दौरान ग्रेडेड एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के बाद पर्यावरण और प्रदूषण स्तर में बदलाव देखने में आया।
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सीएसई की कार्यकारी निदेशक(शोध एवं परामर्श)अनुमिता रॉयचौधरी के मुताबिक सर्दियों में अनलॉक की शुरुआत होने पर परिवहन सेवाओं की शुरुआत, लोगों के आवागमन बढ़ने का भी असर रहा। शांत हवा और ठंड जैसे मौसमी कारणों की वजह से प्रदूषण स्तर पर गंभीर हालत रही। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे शहरीकरण, वायु प्रदूषण और मोबिलिटी प्रोग्राम के कारण प्रदूषण स्तर को नियंत्रित नहीं किया जा सका।
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इस दौरान स्थानीय और क्षेत्रीय कारणों की वजह से सर्दियों के दौरान दिल्लीवासियों को कुछ दिनों के लिए धुंध का सामना करना पड़ा। 2015-20 के दौरान लंबे समय के लिए धुंध और प्रदूषण को कम करने के लिए स्वच्छ हवा के लिए एक्शन प्लान के तहत कई क्षेत्रों में इस दिशा में कदम भी बढ़ाए गए।
सीएसई के विशेषज्ञ अविकल सोमवंशी का कहना है कि पीएम-2.5 का स्तर धीरे धीरे कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि सर्दियों के दौरान मौसम में होने वाले परिवर्तन की बदौलत प्रदूषण नियंत्रण एक समस्या बनी हुई है। लेकिन लंबे समय पर प्रदूषण पर शिकंजा कसने के लिए उठाए जा रहे कदमों के दीर्घकालीक परिणाम भी धीरे धीरे सामने आने लगे हैं। सोमवंशी के मुताबिक इस दौरान स्थानीय कारणों में बदलाव का असर प्रदूषण स्तर पर पड़ने लगा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड(सीबीसीबी), सफर और मौसम विभाग के आंकड़ों के आधार पर मौसम में बदलाव को अध्ययन में शामिल किया गया है। 81 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन के आंकड़ों से यह बात सामने आई कि सर्दियों में धुंध की अवधि कम रही, लेकिन सर्दियों के दौरान होने वाले प्रदूषण में पिछले साल की अपेक्षा बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पारे के तेवर कड़े
दिल्ली में दो दिन से सुबह शाम चल रही ठंडी हवाओं केकारण तापमान में हुई गिरावट केबाद एक बार फिर से तापमान ने अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। बीते सप्ताह 30 केपार चल रहा तापमान एक बार फिर से बुधवार को तीस के पार चला गया। अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे अधिक अधिकतम तापमान स्पोट्र्स कॉम्पलेक्स में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी 18.3 दर्ज हुआ। वहीं नजफगढ़ में तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। लोदी रोड, आया नगर, रिज में तापमान 31 के पार दर्ज हुआ।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबार का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिला है। इसी कारण से हवाएं चल रही थी। इसे विदाई लेती हुई सर्दी का आखिरी पड़ाव माना जा रहा है। बीते 24 घंटों में राजधानी की हवा में नमी का स्तर अधिकतम 80 प्रतिशत और न्यूनतम 39 फीसदी रहा।