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स्टार्टअप कंपनियों के मामले में बंगलूरू और मुंबई से भी आगे है दिल्ली-एनसीआर : रिपोर्ट
Tue, 10 Sep 2019 06:45 PM IST
Prachi Priyam
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prachi Priyam
Updated Tue, 10 Sep 2019 06:45 PM IST
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देश के युवा इन दिनों नौकरी के बजाय खुद रिस्क लेकर अपने स्टार्टअप के लिए काम करने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके लिए लोग बंगलूरू और मुंबई जैसे बड़े शहरों की तुलना में दिल्ली-एनसीआर की तरफ ज्यादा रुख कर रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर में स्टार्टअप्स की संख्या 7,000 से अधिक है। साथ ही इस इलाके में 10 यूनिकॉर्न (एक नियंत्रण वाले नामी स्टार्टअप) भी है। इन कंपनियों का मूल्यांकन 50 अरब डॉलर के करीब है।
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टीआईई-दिल्ली-एनसीआर और जिनोव की ‘टर्बोचार्जिंग दिल्ली-एनसीआर स्टार्ट-अप इकोसिस्टम’ नाम से प्रेषित की गई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टार्टअप्स और यूनिकॉर्न के मामले में बंगलूरू और मुंबई की तुलना में दिल्ली-एनसीआर कहीं आगे है। रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल स्टार्टअप्स में से 23 प्रतिशत दिल्ली-एनसीआर में हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में स्टार्टअप्स की संख्या 7039 है, जबकि बंगलूरू में इनकी संख्या 5234, मुंबई में 3829 और हैदराबाद में 1940 है। इन नयी कंपनियों की स्थापना 2009 से 2019 के दौरान हुई है। दिल्ली-एनसीआर की बात की जाए, तो केवल दिल्ली में 4491 स्टार्टअप्स हैं। वहीं गुरुग्राम में 1544 और नोएडा में 1004 स्टार्टअप कंपनियां हैं।
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रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख भी किया गया है कि दिल्ली-एनसीआर में 10 यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। इन कंपनियों का मूल्यांकन एक अरब डॉलर से अधिक का होता है। बंगलूरू में ऐसी कंपनियों की संख्या नौ है, जबकि मुंबई और पुणे में दो-दो और चेन्नई में ऐसी एक ही कंपनी है।
रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली-एनसीआर जल्द ही वैश्विक स्तर पर पांच शीर्ष स्टार्टअप्स हब में शामिल हो सकता है। यहां सक्रिय प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स की संख्या को 12,000 तक पहुंचाया जा सकता है, जबकि यूनिकॉर्न की संख्या को 30 तक किया जा सकता है। ऐसा होने पर इन कंपनियों का कुल मूल्यांकन 150 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा।