बिस्कुट के रेपर को लेकर हुई हत्याः अगर पुलिस करती यह काम तो बच जाती साजिद की जान
- पड़ोसी युवकों ने परिवार पर चाकू से किया हमला, एक की चाकू मौत, दूसरा भाई घायल
- पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एक आरोपी को किया गिरफ्तार, दूसरा फरार
- दोपहर को हुए झगड़े के बाद ही पुलिस पहुंच जाती तो शायद नहीं होती साजिद की हत्या
- परिवार का दावा, झगड़े के बाद दोपहर में छह-सात बार किया था पुलिस को फोन
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विस्तार
दिल्ली के गांधी नगर में कूड़ा डालने को लेकर दोपहर में हुई मारपीट के बाद आबिद और खुद साजिद ने छह-सात बार पुलिस को कॉल की थी। मृतक साजिद के भाई आबिद का आरोप है कि बार-बार कॉल करने के बाद भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचे।
थाने से झगड़े के बारे में पूछताछ के लिए कॉल जरूर आई थी, लेकिन कोई पुलिसकर्मी घर तक नहीं आया। आबिद का कहना है कि यदि दोपहर में ही पुलिस कार्रवाई करती तो शायद झगड़ा इतना बड़ा नहीं होता और उसके भाई की हत्या भी नहीं होती।
वहीं जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोपहर में बच्चों के बीच झगड़ा होने की सूचना मिली थी। परिवार से संपर्क किया गया तो वहां से कोई रिस्पांस नहीं मिला।
पड़ोसियों के हमले में घायल साजिद के छोटे भाई आबिद ने बताया कि शब्बू ने दोपहर में जब उसके परिवार पर हमला करने का प्रयास किया तो उन्होंने पीसीआर को कॉल की थी। साजिद ने भी दो बार फोन किया, लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।
थाने से कॉल कर झगड़े के बारे में पूछताछ की गई और दस मिनट में मौके पर पहुंचने की बात कही गई। एक बार पुलिसकर्मियों ने गली के बाहर गुरुद्वारे पर पहुंचने के लिए कहा, लेकिन वहां भी कोई नहीं पहुंचा।
सख्त कार्रवाई की मांग
साजिद की मौत से परिवार में मातम का माहौल है। साजिद की पत्नी रुकसार के आंसू नहीं थम रहे हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही साजिद का शव घर पहुंचा, घर में कोहराम मच गया। दिनभर साजिद के घर पर रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला
राजधानी के गांधी नगर इलाके में शनिवार रात कूड़ा (बिस्कुट का रेपर) डालने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त अब्दुल साजिद (29) के रूप में हुई है। हमले में साजिद के भाई आबिद और सलमान भी घायल हुए हैं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शब्बू को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसका भाई अफसर अली उर्फ काले फरार है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक साजिद परिवार के साथ गांधी नगर इलाके की गली नंबर-4, नानक बस्ती, पुराने सीलमपुर में रहता था। उसके परिवार में पिता अब्दुल जाहिद, मां नूर जहां, तीन भाई अब्दुल आहिद, सलमान और आबिद के अलावा उसकी पत्नी रुकसार वारसी और ढाई साल की बेटी आयशा हैं।
साजिद गांधी नगर में ही एक गारमेंट फैक्टरी में मैनेजर था। इनके पड़ोस में शब्बू और काले का परिवार रहता है। शनिवार दोपहर किसी ने शब्बू के घर के बाहर कूड़ा (बिस्कुट का रेपर) डाल दिया था। इसी बात पर शब्बू और उसकी मां नसीमा, साजिद के भतीजे अजहर (8) को डांटने लगे। इस बात का साजिद की मां नूर जहां ने विरोध किया तो शब्बू गाली-गलौच करने लगा।
आबिद वहां पहुंचा और उसने शब्बू को ऐसा करने से मना किया। लड़ाई झगड़े के दौरान शब्बू कैंची लेकर आबिद पर हमला करने लगा तो लोगों ने बीच-बचाव कर दिया। इस दौरान आबिद ने कई बार पीसीआर पर कॉल भी की।
इसके बाद नूर जहां अपने बेटे आबिद और सलमान के साथ सीमापुरी चली गई। रात करीब 8.10 बजे तीनों वापस पहुंचे तो गली में शब्बू और उसका भाई काले मौजूद थे। उन्होंने आबिद और सलमान पर हमला कर दिया।
दोनों भागकर घर में घुसे तो शब्बू व काले चाकू व कैंची लेकर उनके पीछे घर में घुस गए। दोनों ने आबिद और सलमान पर हमला कर दिया। इस बीच साजिद वहां पहुंचा और वह शब्बू व काले को घर से बाहर निकालकर दरवाजा बंद करने लगा। इसी दौरान शब्बू ने साजिद के पेट और सीने पर चाकू से कई वार कर दिए। इसके बाद दोनों फरार हो गए।
परिजन घायल आबिद, सलमान और साजिद को नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां से साजिद को हेडगेवार अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां साजिद को मृत घोषित कर दिया गया। सलमान और आबिद को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी शब्बू को गिरफ्तार कर लिया।
दोपहर में कूड़े को लेकर झगड़ा हुआ था। रात को दोबारा हुए झगड़े में शब्बू और काले ने साजिद की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। शब्बू को गिरफ्तार कर लिया गया है, काले की तलाश जारी है।-वेद प्रकाश सूर्या, शाहदरा जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त