मंत्री के भाई करते हैं मीटिंग, न सुनने पर मिलती है धमकी
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आम आदमी पार्टी में मंत्री ही नहीं उनके रिश्तेदार भी सरकार चला रहे हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम के पार्षदों ने आरोप लगाया है कि दिल्ली के परविहन मंत्री गोपाल राय के भाई योगेंद्र राय मंत्री की अनुपस्थिती में न सिर्फ अधिकारियों की मीटिंग बुलाते हैं बल्कि उन्हें आदेश भी देते हैं।
पार्षदों का आरोप है कि मंत्री के भाई न सिर्फ अधिकारियों को मीटिंग करने के लिए बुलाते हैं बल्कि उनके साथ कार्यों का निरीक्षण करने भी जाते हैं।
अगर कोई अधिकारी ऐसा करने से मना करता है तो उसे धमकी दी जाती है कि अगर उसने मंत्री के भाई का आदेश न माना तो गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
पार्षदों का आरोप है कि मंत्री के परिजनो का सकारी कामकाज में हस्तक्षेप कोई नई बात नहीं है। असल में यह सिलसिला पिछले कई महीनों से जारी है।
पार्षदों का आरोप है कि इस बारे में निगम के अधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है लेकिन किसी ने कोई भी कार्यवाई नहीं की।
निगम की बैठक में पार्षदों ने उठाया मामला
आप के नेताओं के परिजनों और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न इलाकों में दौरों में नगर निगम के अधिकारियों के शामिल होने पर पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में बुधवार को भाजपा व कांग्रेस के पार्षदों ने कड़ा विरोध किया।
इसके अलावा पार्षदों के साथ दौरों में अधिकारियों के नहीं आने का आरोप लगाया। पार्षदों के आग्रह पर मेयर ने इस पूरे मसले पर आयुक्त से गाइड लाइन तय करने के निर्देश दिए।
सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस पार्षद सविता शर्मा ने दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय के भाई के दौरे में नगर निगम के अधिकारियों के शामिल होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर नगर निगम अधिकारी मंत्री के भाई के साथ कैसे गए।
मेयर ने दिए जांच के आदेश
उनका समर्थन करते हुए भाजपा पार्षद रेखा वशिष्ठ ने कहा कि नगर निगम के अधिकारी पार्षदों के साथ तो दौरे में आने में आनाकानी करते हैं और आप आदमी पार्टी के नेताओं के परिजनों और कार्यकर्ताओं के साथ दौरों पर जा रहे हैं।
दोनों पार्षदों का पूरे सदन ने एक स्वर में समर्थन करते हुए आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्षद की उपेक्षा किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मेयर से आग्रह किया कि वह अधिकारियों के दौरों पर जाने के मामले में स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
इसी बीच मेयर हर्षदीप मल्होत्रा ने आयुक्त को निर्देश दिए कि वे अधिकारियों के दौरों पर जाने के मामले में स्पष्ट निर्देश जारी करें। इस संबंध में सभी पार्षदों को भी अवगत कराया जाए।