Delhi MCD Budget: एमसीडी ने 16 हजार करोड़ का बजट किया पास, भाजपा ने उठाए सवाल... डीएमसी एक्ट का हुआ उल्लंघन
दिल्ली नगर निगम में मेमेयर शैली ओबेरॉय ने गुरुवार को 2024-2025 का बजट पेश किया। हंगामे के बीच सदन में 16 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश हुआ।
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एमसीडी की बैठक में बजट प्रस्तुत करने के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ। पांच मिनट में ही बजट पास करने की औपचारिकता पूरी हुई। भाजपा पार्षदों को मेयर तक पहुंचने से रोकने के लिए आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने उनके चारों और घेरा बना कर रखा।
इसी तरह उन्होंने नेता सदन को भी सुरक्षा कवच दिया। इस बार का बजट एमसीटी आयुक्त की गैरमौजूदगी में पास हुआ है। जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली एमसीडी ने बताया कि इस बार 15,686.99 करोड़ रुपये का राजस्व आया और खर्च के लिए 16,683 करोड़ रुपये पास किए गए हैं।
भाजपा ने एमसीडी का बजट पास करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए
एमसीडी का बजट पास करने व बजट पर भाजपा ने सवाल खड़ा किया है। इतना ही नहीं, भाजपा ने बजट को अवैध एवं असंवैधानिक करार देते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना से उसे स्वीकृति न देने का आग्रह किया है। इस संबंध में भाजपा पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आयुक्त की ओर से प्रस्तुत किए गए बजट प्रस्तावों में आम आदमी पार्टी की सरकार ने किए गए संशोधनों सेे अवगत कराया।
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह, उपनेता जयभगवान यादव, पार्षद शिखा राय व योगेश वर्मा ने बृहस्पतिवार की शाम उपराज्यपाल से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि आप पार्षदों ने शोर-शराबे के बीच बजट पास किया है। उन्होंने गैरकानूनी तरीके से सड़कों के सुधार एवं रखरखाव के बजट में से 1000 करोड़ रुपये और ग्रुप बी के कर्मचारियों के वेतन के मद से 500 करोड़ रुपये महापौर निधि विवेकानुसार सहायता निधि में शामिल कर दिया है।
इसी तरह ग्रामीण वार्डों के मद, ग्रामीण सड़कों के मद, अनधिकृत कॉलोनियों के मद, शिक्षा, उद्यान, निर्माण, स्वास्थ्य व पर्यावरण प्रबंधन समिति के मदों में भी कटौती कर दी है। आरडब्ल्यूए के सहयोग से किए जाने वाले बजट से दो करोड़ रुपये, शहरी इलाकों में विकास कार्यों के बजट से 26 करोड़ रुपये, सड़कों के रखरखाव के बजट से छह करोड़ रुपए, नए इंजीनियरिंग कार्यों के बजट से 22.5 करोड़ रुपये, अनधिकृत नियमित कॉलोनियों के बजट 46 करोड़ रुपये, शहरीकृत गांवों के बजट से 17.5 करोड़ रुपये, शहरी सड़कों के बजट से नौ करोड़ रुपये, स्थायी समिति अध्यक्ष के बजट से 9.75 करोड़ रुपये, पार्कों एवं उद्यानों के रखरखाव एवं मरम्मत के बजट से 13 करोड़ रुपये, वार्ड समितियों के अध्यक्ष के बजट से छह करोड़ रुपये एमसीडी के कंप्यूटराइजेशन बजट से 25 करोड़ रुपये में कटौती की है।
आप सरकार ने डीएमसी एक्ट की अवहेलना की
एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष राजा इकबाल सिंह ने एमसीडी सदन में असंवैधानिक तरीके से बजट पास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने निगमायुक्त एवं निगम सचिव की गैरमौजूदगी में बजट पास किया है। इसके अलावा न तो बजट पढ़ा गया और न ही संंशोधनों पर चर्चा की गई। उसका यह कदम गैरकानूनी एवं डीएमसी एक्ट की अवहेलना है। वहीं उन्होंने खुलासा किया कि आप सरकार ने दिल्ली के नागरिकों को करों में कोई भी रियायत नहीं दी है। उन्होंने कहा कि बजट में किए गए प्रावधान भ्रष्टाचार करने की बुनियाद है।