दिल्ली: इंटरनेट पर अश्लील वीडियो डालने की धमकी देकर उगाही करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
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फेसबुक या दूसरी सोशल नेटवर्किंग साइट पर अनजान लोगों, खासकर लड़कियों से दोस्ती करना आपको महंगा पड़ सकता है। देश के कई राज्यों में ऐसे गैंग सक्रिय हैं जो अनजान लोगों से दोस्ती कर उनके अश्लील वीडियो बना लेते हैं, इसके बाद उनको ब्लैकमेल कर मोटी रकम एंठ ली जाती है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ऐसे ही एक गैंग के का पर्दाफाश करते हुए उसके गैंग लीडर को गिरफ्तार किया है।
100 से अधिक लोगों से ठगे करोड़ों रुपये
पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव इशनाका, नागर, भरतपुर राजस्थान निवासी नासिर (25) के रूप में हुई है। महज आठवीं पास नासिर साइबर क्राइम में बेहद एक्सपर्ट है। इसके गैंग ने कुछ दिनों में 100 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये ठग लिये। इनका गैंग 100 से अधिक मोबाइल फोन और 1000 से ज्यादा सिमकार्ड का इस्तेमाल करता है। पुलिस ने नासिर के पास से ठगी की रकम से खरीदी गई एक बोलेरो गाड़ी, छह बैंक अकाउंट और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को नासिर के गैंग के करीब दस से अधिक सदस्यों की तलाश है।
लड़की के नाम पर बनाई बुजुर्ग की अश्लील वीडियो
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि पूर्वी दिल्ली निवासी 62 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अपराध शाखा को जबरन वसूली की एक शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया था कि पिछले दिनों फेसबुक के जरिये उनकी किसी लड़की से दोस्ती हुई थी। वह लड़की से चैट करने लगे। दरअसल यह फर्जी अकाउंट था। बदमाशों ने लड़की के नाम पर बुजुर्ग की अश्लील वीडियो बना ली। इसके बाद उनको ब्लैकमेल करने लगे।
आरोपियों ने खुद को यू-ट्यूब का अधिकारी बताकर लड़की का शोषण करने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपियों ने बुजुर्ग से मोटी रकम मांगी, रुपये न देने पर बुजुर्ग का अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देने लगा। डर की वजह से बुजुर्ग ने चार लाख रुपये आरोपियों को दे दी। पीड़ित की शिकायत लेने के बाद अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मनोज.सी, इंस्पेक्टर शिव दर्शन, एसआई रॉबिन त्यागी व अन्यों की टीम ने छानबीन शुरू की। टेक्नीकल सर्विलांस की जांच से पता चला कि आरोपी 100 से अधिक मोबाइल फोन और 1000 से अधिक सिमकार्ड जो सभी फर्जी पतों पर लिये गए हैं, उनका इस्तेमाल करते हैं।
कबूली बुजुर्ग से ठगी की बात
यह सभी नंबर उत्तर-पूर्वी राज्यों, बिहार, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा व दूसरी जगहों से जारी किए गए नंबर हैं। जांच के दौरान पुलिस को यह पता चला कि ठगी और जबरन वसूली का सारा खेल भरतपुर और उसके आसपास के इलाकों से चल रहा है। काफी छानबीन के बाद पुलिस ने गैंग सरगना नासिर को नागर, भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। उसके एक खाते से 2.39 लाख रुपये, तीन माह पूर्व खरीदी गई एक नई बोलेरो गाड़ी व अन्य सामान बरामद हुआ। आरोपी ने बुजुर्ग से ठगी की बात कबूल कर ली। नासिर ने बताया कि उसके गांव के ज्यादातर लोग इसी तरह आन लाइन ठगी का धंधा करते हैं। वह पहले खुद ट्रक ड्राइवर था। करीब दो साल से वह इसी तरह ठगी कर मोटी कमाई कर रहा था। इसके गैंग में करीब 10 अन्य लोग शामिल हैं।
ऐसे दिया जाता था ठगी की वारदात को अंजाम
गैंग का मुख्य धंधा लोगों का अश्लील वीडियो बनाकर बदनाम करने के नाम पर ब्लैकमेल कर रकम एंठना था। आरोपी फर्जी अकाउंट बनाकर फेसबुक, व्हाट्सएप या दूसरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आम लोगों के पास फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट भेजते थे। इन फर्जी अकाउंट पर किसी सुंदर सी लड़की का फोटा लगाया जाता था। लोग बड़ी ही आसानी से लड़की का फोटा देखकर इनके जाल में फंस जाते थे। नासिर लड़की बनकर खुद ही चैट करता था। बातचीत के दौरान यह एक अन्य मोबाइल से लड़की का अश्लील वीडिया चलाकर सामने वाले को कपड़े उतरने के लिए उकसाते थे। पीड़ित जैसे ही अपने कपड़े उतरकर अश्लील हरकत करता था, यह उसके वीडियो बना लेते थे। चैट खत्म होने के 10 से 15 मिनट के बाद पीड़ित के मोबाइल पर कॉल कर यह लोग खुद को यू-ट्यूब का अधिकारी बताकर, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल या दूसरी एजेंसी का बताकर धमकाते थे। वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम एंठ ली जाती थी।
नासिर के गांव में लोगों के अलग-अलग काम
पुलिस की पूछताछ में नासिर ने बताया है कि उसके गांव में ज्यादातर लोगों का धंधा साइबर ठगी है। कोई फर्जी पतों पर देशभर के अलग-अलग राज्यों के जारी किए गए सिमकार्ड दिलवाता था। इसके अलावा कुछ लोगों ने देशभर के अलग-अलग राज्यों में फर्जी पतों पर बैंक अकाउंट खुलवाए हुए थे। ठगी की रकम इन बैंक में पहुंचा दी जाती दी जाती थी। बैंक का काम करने वाले 15 से 20 फीसदी अपना कमिशन रखकर बाकी रकम ठगी करने वाले गैंग को दे देता था। अपराध शाखा की टीम ने नासिर से पूछताछ के बाद कुछ लोगों की पहचान कर ली है। उनकी तलाश में टीम लगातार दबिश दे रही है।