एक करोड़ की फिरौती के लिए एलआईसी एजेंट की हत्या, पुलिस और आरपीएफ जवान ने ऐसे रचा पूरा षड्यंत्र
दिल्ली के सराय रोहिल्ला से एक करोड़ रुपये की फिरौती के लिए एलआईसी एजेंट को अगवा कर हत्या कर दी गई। मृतक की शिनाख्त प्रेम कुमार (27) के रूप में हुई है। फिरौती और हत्या का पूरा षडयंत्र यूपी पुलिस के एक सिपाही व आरपीएफ के जवान ने रचा।
पुलिस ने हत्या की गुत्थी से पर्दा उठाते हुए आरपीएफ के जवान अजय (35) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर प्रेम का शव इटावा, यूपी स्थित गंग नहर से बरामद किया है। दोनों ने शव को एक बक्से में डालकर नहर में फेंक दिया था।
पहचान छुपाने को मृतक का चेहरा कुचल दिया था। वारदात के बाद से सर्वेश फरार है। पुलिस की मानें तो सर्वेश अलीगढ़ के बन्ना देवी थाने में तैनात है। पुलिस तलाश में जुटी है।
पुलिस के मुताबिक, प्रेम कुमार अपने परिवार के साथ वेस्ट मोती बाग इलाके में रहता था। परिवार में पिता रमेश चंद्र, मां मुक्तेश्वरी देवी, बड़ा भाई राजकुमार व दो बहनें हैं। प्रेम कुमार और उसके पिता एलआईसी एजेंट थे, जबकि राजकुमार दिल्ली के एक बैंक में असिस्टेंट मैनेजर है।
अजय पुराना क्लाइंट था, ऐसे बुलाया प्रेम को अपने घर
अजय आरपीएफ दिल्ली स्थित सराय रोहिल्ला स्टेशन पर तैनात है और दया बस्ती स्थित सरकारी क्वार्टर में रहता है। अजय, प्रेम कुमार का पुराना क्लाइंट था। 17 जुलाई को उसने प्रेम को कॉल किया और कहा कि यूपी पुलिस में तैनात उसके दोस्त सर्वेश को एक करोड़ की बीमा पॉलिसी करानी है।
वह जान पर खेलकर एनकाउंटर करता है, इसलिए उसे पॉलिसी जल्दी करानी है। 18 जुलाई को प्रेम दया बस्ती स्थित अजय के घर पहुंचा, जहां उसे सर्वेश भी मिला। कुछ कागजात लेने के बाद अगले दिन आने की बात हुई।
एक करोड़ की पॉलिसी को लेकर प्रेम कुमार भी काफी उत्साहित था। उसने परिवार को अजय और सर्वेश के बारे में बताकर एक करोड़ की पॉलिसी की जानकारी दी थी। 19 जुलाई को प्रेम, अजय और सर्वेश के पास पहुंचा लेकिन वापस नहीं लौटा।
इधर, उसका मोबाइल भी बंद आने लगा। परिजनों ने तलाश शुरू की। देर रात बेटे की गुमशुदगी इंद्रलोक पुलिस चौकी में दी। पुलिस ने छानबीन की तो प्रेम की बुलेट मोटर साइकिल अजय के घर के पास से बरामद हो गई। परिजनों ने भी अजय और सर्वेश पर हत्या का शक जताया। इधर, अजय और सर्वेश के नंबर भी बंद आते रहे।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी अजय
पुलिस ने अजय और सर्वेश पर शक कर उनकी तलाश शुरू की। 19 जुलाई की रात 12 बजे सर्वेश का मोबाइल ऑन हुआ। पुलिस ने सर्वेश से संपर्क किया तो उसने बताया कि वह टुंडला एक शादी में अजय के साथ आया हुआ है।
अजय से बात करने पर उसने बताया कि प्रेम दिन में ही चला गया था। पुलिस ने 20 जुलाई को अजय को पूछताछ के लिए बुलाया। अजय पूछताछ में शामिल हुआ। शुरूआत में उसने पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन वह टूट गया। उसने बताया कि सर्वेश के साथ मिलकर उसने प्रेम को अगवा कर फिरौती मांगने की योजना बनाई।
पॉलिसी के बहाने उसे बुलाया। 19 जुलाई को उसे बंधक बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन भागने के चक्कर में रस्सी से उसका गला दब गया, जिससे वह मर गया। दोनों ने शव को एक लोहे के बक्से में डाला। बाद में गाड़ी से बक्सा लेकर वह इटावा चले गए।
मृतक की पहचान छिपाने को उसका चेहरा कुचल दिया तथा शव को रात के समय गंग नहर में फेंक दिया। इधर, पुलिस ने अजय की निशानदेही पर प्रेम का शव रविवार दोपहर गंग नहर इटावा से बरामद कर लिया। पुलिस सर्वेश की तलाश कर रही है।