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Delhi: 'सुल्ली डील' मामले के मुख्य आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर के खिलाफ चलेगा केस, एलजी ने दी मंजूरी

Sun, 11 Dec 2022 04:54 PM IST
विजय पुंडीर पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 11 Dec 2022 04:54 PM IST
सार

सुल्ली डील एप में मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी की गई थी। सुल्ली डील्स के एप क्रिएटर ओंकारेश्वर ठाकुर ने कबूल किया था कि उसने जुलाई 2021 में गिटहब पर सुल्ली डील्स एप बनाया। एप से कई मुस्लिम महिलाओं की सहमति के बिना नीलामी के लिए उनकी तस्वीरें अपलोड की गई थीं।

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Delhi LG grants sanction to prosecute key accused in Sulli Deals case
आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने 'सुल्ली डील' मामले में मुख्य आरोपी ओंकारेश्वर ठाकुर के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब दिल्ली पुलिस ओंकारेश्वर ठाकुर के खिलाफ मुकदमा चला सकेगी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपी के खिलाफ सात जुलाई 2021 को केस दर्ज किया था। बता दें कि सुल्ली डील एप में मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन नीलामी की गई थी।

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सूत्रों ने रविवार को बताया कि ओंकारेश्वर ठाकुर पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 196 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा, जो राज्य के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमा चलाने और आपराधिक साजिश रचने से संबंधित है। बता दें कि पुलिस को इस धारा के तहत आरोपी के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए एलजी की मंजूरी की जरूरत होती है। एलजी का मानना है कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है और इसलिए उसके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी जाती है।
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आखिर क्या है Sulli deals?
सुल्ली मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला अपमानजनक शब्द है। चार जुलाई, 2021 को ट्विटर पर सुल्ली डील्स के नाम से कई स्क्रीनशॉट साझा किए गए थे। इस एप में एक टैग लाइन लगी थी, 'सुल्ली डील ऑफ द डे' और इसे मुस्लिम महिलाओं की फोटो के साथ शेयर किया जा रहा था। खास बात यह निकलकर आई कि इसे गिटहब पर एक अज्ञात समूह द्वारा बनाया गया था। इस मामले में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन कई महीनों तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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कैसे रची जाती थी साजिश?
एप बनाने वाले लोग विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट से अवैध रूप से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों को इकट्ठा करते हैं और उस पर आपत्तिजनक कंटेट लिखकर उनकी तस्वीरों को ट्रोल करते हैं। तस्वीरों का गलत तरीके से इस्तेमाल होता है। एप पर कई महिलाओं की तस्वीरें होती हैं, जिस पर किसी महिला की तस्वीर के साथ लिखा जाता है, 'योर बुल्ली बाई ऑफ द डे'....इन तस्वीरों को शेयर कर इनकी नीलामी भी की जा रही है। 

हंगामे के बाद डिलीट किए गए थे सबूत 
सुल्ली डील्स के एप क्रिएटर ओंकारेश्वर ठाकुर को इसी साल जनवरी में गिरफ्तार किया गया था। ठाकुर ने कबूल किया था कि उसने जुलाई 2021 में गिटहब पर सुल्ली डील्स एप बनाया। एप से कई मुस्लिम महिलाओं की सहमति के बिना नीलामी के लिए उनकी तस्वीरें अपलोड की गई थीं। ठाकुर ने जनवरी 2020 में ट्विटर हैंडल @gangescion का इस्तेमाल कर ट्विटर पर ट्रेडमहासभा के नाम से ग्रुप में शामिल हुआ था। सदस्यों ने मुस्लिम महिलाओं को ट्रोल करने की साजिश रची थी। हंगामे के बाद सभी लोगों ने सोशल मीडिया फुटप्रिंट्स को डिलीट कर दिया था। 

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